
अच्छी सेहत के लिए सही खान-पान के साथ पर्याप्त नींद भी बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद जरूरी होती है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति रोजाना 6 घंटे से कम सोता है, तो इससे कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। स्टेट ऑफ स्लीप रिपोर्ट 2024 के अनुसार, कम नींद लेने से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन, मोटापा, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नींद पूरी न होने पर दिमाग ठीक से काम नहीं करता। इससे एकाग्रता कम होती है और फैसले लेने की क्षमता भी प्रभावित होती है। नींद की कमी से चेहरे पर झुर्रियां और डार्क सर्कल्स भी नजर आने लगते हैं। कम सोने से शरीर में हार्मोनल असंतुलन हो सकता है। इससे तनाव बढ़ता है, ब्लड प्रेशर प्रभावित होता है और इंसुलिन बैलेंस बिगड़ने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे व्यक्ति बार-बार बीमार पड़ सकता है।
स्टडी में यह भी सामने आया है कि जो लोग लंबे समय तक 6 घंटे से कम सोते हैं, उनमें दिल की बीमारी, स्ट्रोक, मोटापा और डिप्रेशन का खतरा ज्यादा होता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज से पीड़ित ऐसे लोगों में समय से पहले मौत और कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। एक लंबे शोध में 1,600 से अधिक वयस्कों को शामिल किया गया। इसमें पाया गया कि जिन लोगों को पहले से दिल की बीमारी, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज थी और जो कम सोते थे, उनमें मौत का खतरा दोगुना से तीन गुना तक ज्यादा था।
Disclaimer : लेख में दी गई जानकारी सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सलाह के रूप में न लें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या इलाज के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।
