
Ranchi : झारखंडी संगीत जगत के प्रसिद्ध संगीतकार बुबई रॉय को उनके बेहतरीन योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। उन्होंने नागपुरी संगीत को न सिर्फ झारखंड तक सीमित रखा, बल्कि उसे देश और विदेश तक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। बतौर संगीतकार बुबई रॉय अब तक हजारों नागपुरी गीतों की रचना कर चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने कई नागपुरी फिल्मों में संगीत निर्देशन भी किया है। उनके गीतों में झारखंड की मिट्टी की खुशबू, लोक जीवन की सादगी और आधुनिक संगीत का संतुलन साफ दिखाई देता है।
बुबई रॉय की संगीत यात्रा केवल नागपुरी भाषा तक सीमित नहीं रही। उन्होंने छत्तीसगढ़ी, भोजपुरी, उड़िया, असमिया समेत कई अन्य भाषाओं में भी गीतों का निर्माण किया है। अलग-अलग राज्यों की लोक संगीत परंपराओं को समझकर उन्हें आधुनिक धुनों के साथ प्रस्तुत करना उनकी खास पहचान बन चुकी है। साल 2025 बुबई रॉय के लिए खास रहा। इसी वर्ष उन्हें एक बांग्ला फिल्म में संगीत निर्देशन के लिए नॉर्थ बंगाल सिनेमा अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके लंबे और समर्पित संगीत सफर की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
यह सम्मान सिर्फ बुबई रॉय के व्यक्तिगत करियर की सफलता नहीं है, बल्कि पूरे झारखंडी संगीत जगत के लिए गर्व की बात है। इससे यह संदेश भी गया है कि अगर क्षेत्रीय संगीत की जड़ें मजबूत हों, तो उसकी पहुंच किसी भी सीमा तक हो सकती है। बुबई रॉय की इस उपलब्धि से झारखंड के युवा और उभरते कलाकारों को नई प्रेरणा मिली है। उनका सफर यह दिखाता है कि मेहनत, लगन और अपनी संस्कृति से जुड़े रहकर भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की जा सकती है।
