
रांची : झारखंड रेडीमेड गार्मन्ट एण्ड अपैरल को बढ़ावा देने को लेकर जेआरजीए ने ऑड्री हाउस में कॉन्क्लेव-2025 का आयोजन किया। इसमे रेडीमेड गार्मन्ट मे कैसे रोड मेप बनेगा ओर मार्केट लिंककेज को बढ़ाने देने सहित कई चीजों पर चर्च हुई। रेडीमेड गार्मन्ट का झारखंड मे काफी स्कोप है और इसके बढ़ावा देने के लिए कई तरह के कदम उठाए जाने पर चर्चा हुई। इस कार्यक्रम में उद्योग, सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों, फैशन जगत और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को एफजेसीसीआई के आदित्य मल्होत्रा ने संबोधित किया और झारखंड के एमएसएमई एवं परिधान सेक्टर को मज़बूत करने पर अपने विचार रखे। वहीं श्रम विभाग से विनय कुमार ने स्किल डेवलपमेंट, वर्कफोर्स तैयारियों और रोजगार बढ़ोतरी पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। जेआरजीए फाउंडेशन की ओर से अभिताभ श्रीवास्तव ने टीएपीई मॉडेल – 3E इम्प्लॉइमन्ट,इम्पाउअर्मन्ट, इंटरप्रनर्शिप प्रस्तुत किया, जिसमें कारीगरों, एमएसएमई और युवाओं के लिए विकास का स्पष्ट रोडमैप साझा किया गया। डॉ. सीमा सिंह, हरनाम सिंह नमधारी सहित जेआरजीए टीम ने प्रशिक्षण, उत्पादन क्षमता और बाज़ार कनेक्टिविटी पर महत्वपूर्ण विचार रखे। फैशन और युवा प्रतिनिधित्व में क्याथी मुनजल और झारखंड की उभरती मॉडल अलिशा गौतम ने प्रेरक विचार साझा किए। एमएआई फाउंडेशन की तरन्नुम ने महिलाओं और समुदाय आधारित आजीविका को लेकर महत्वपूर्ण बातें कही। कार्यक्रम में नाबार्ड तथा ग्रामीन विकास एवं पंचायती राज विभाग से विजेता सिंह ने भी उपस्थिति दर्ज की और ग्रामीण क्लस्टरों व स्किल विकास के लिए सहयोग का आश्वासन दिया। जेआरजीए फाउंडेशन का लक्ष्य झारखंड को एक उभरते अपेरल एण्ड गार्मन्ट हब के रूप में स्थापित करना है।
