बाबूलाल मरांडी का एनजीटी प्रेम राजनितिक नौटंकी है या सिद्धांतों पर आधारित? : ऋषीकेश सिंह

राँची, दिनाँक 02.08.2026

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि बालू और खनिज संसाधनों की चिंता करने से पहले भाजपा को अपने शासनकाल का हिसाब झारखंड की जनता को देना चाहिए। जिनके शासन में खनिज संपदा की लूट, अवैध खनन और माफियाओं के बढ़ते प्रभाव की चर्चा पूरे देश में होती रही, आज वही लोग नैतिकता का चोला पहनकर सवाल पूछ रहे हैं।

ऋषीकेश सिंह ने कहा कि बाबूलाल मरांडी यह बताएं कि उनके मुख्यमंत्री रहते और उसके बाद भाजपा के लंबे शासनकाल में अवैध खनन और बालू माफियाओं के खिलाफ कितनी निर्णायक कार्रवाई हुई? क्या उस समय नदियों का दोहन नहीं हो रहा था? क्या उस समय राजस्व की क्षति नहीं हो रही थी? भाजपा को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।

ऋषीकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि यदि कहीं भी एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन हो रहा है तो दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। कानून का राज स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी अवैध कारोबार को संरक्षण नहीं दिया जा सकता।

ऋषीकेश सिंह ने कहा कि केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सुर्खियां बटोरना विपक्ष की जिम्मेदारी नहीं है। यदि बाबूलाल मरांडी के पास अवैध खनन या बिना नंबर प्लेट चल रहे वाहनों की ठोस जानकारी है, तो वे संबंधित प्रशासनिक और कानूनी एजेंसियों को उपलब्ध कराएं। केवल कैमरे के सामने बयान देने से न पर्यावरण बचेगा और न ही झारखंड का राजस्व।

ऋषीकेश सिंह ने कहा कि भाजपा आज जिस अवैध खनन पर आंसू बहा रही है, उसी पार्टी के शासनकाल में झारखंड की खनिज संपदा की लूट पर सबसे अधिक सवाल उठे थे। जनता सब जानती है कि भाजपा का विरोध जनहित के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए है। झारखंड की जनता अब आरोपों की राजनीति नहीं, बल्कि ईमानदार जवाबदेही और सकारात्मक राजनीति चाहती है।

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