
झारखंड में JPSC-JSSC, CGL और कथित पेपर लीक को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को अब केंद्रीय सरना समिति का भी समर्थन मिल गया है।
6 अगस्त को रांची के हतमा स्थित सरना टोली में हुई विशेष बैठक में समिति ने राज्य सरकार के खिलाफ नाराज़गी जताते हुए कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों की CBI जांच की मांग की। समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि यदि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 8 अगस्त को अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्रों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, 9 अगस्त को प्रस्तावित आदिवासी महोत्सव का विरोध करने और नगड़ी में रिम्स-2 परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आयोजित महा जनसभा में शामिल होने का फैसला लिया गया।
इसके अलावा, 10 अगस्त को छात्रों के विधानसभा घेराव कार्यक्रम में केंद्रीय सरना समिति ने प्रत्यक्ष रूप से समर्थन देने की घोषणा की है।
अब सवाल यह है कि क्या छात्र आंदोलन को मिल रहा यह सामाजिक समर्थन सरकार पर दबाव बढ़ाएगा? इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट करके जरूर बताइए।
