
भेल ने आदेश के पालन के लिए कमर्शियल कोर्ट में केस नंबर 05/2024 दायर कर संपत्ति कुर्की की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च 2026 को तय है।
सीबीआई जांच और विभागीय कार्रवाई
प्रभारी मंत्री योगेंद्र महतो ने सदन को बताया कि इस मामले में सीबीआई ने 2016 में केस दर्ज किया था और मामला रांची की सीबीआई कोर्ट में चल रहा है। जांच में भेल के तीन और जेयूवीएनएल के चार अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है। वित्त सचिव की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड के चार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। मंत्री ने कहा कि जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
कोडरमा में स्पंज आयरन फैक्ट्री पर भी उठा सवाल
सदन में कोडरमा की विधायक नीरा यादव ने एक और स्थानीय मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कोडरमा रेलवे स्टेशन के पास चल रही स्पंज आयरन फैक्ट्री से फैल रहे प्रदूषण पर चिंता जताई।
घनी आबादी के बीच फैक्ट्री पर आपत्ति
विधायक ने कहा कि रेलवे स्टेशन और नेशनल हाईवे के पास स्थित इस फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं आसपास के लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। उनका कहना था कि उद्योग विभाग की ओर से जो जवाब मिला है, वह संतोषजनक नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गलत जानकारी दी है।
जांच कमेटी बनी, नई कमेटी का भी संकेत
इस पर मंत्री संजय यादव ने कहा कि फैक्ट्री की घनी आबादी से दूरी की जांच के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बना दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सदन रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुआ तो नई कमेटी भी बनाई जा सकती है। नीरा यादव ने साफ कहा कि गलत जानकारी देना गंभीर बात है और अगर किसी अधिकारी ने ऐसा किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस मुद्दे पर सदन में कुछ देर तक बहस चली, जिसके बाद सरकार ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।
