
रांची/नई दिल्ली:
पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने बांग्लादेश में नई सरकार के गठन पर वहां की जनता और नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारीक रहमान को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। जारी बयान में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की जागरूक जनता ने लोकतंत्र में अपना अटूट विश्वास प्रकट किया है और सांप्रदायिक ताकतों को स्पष्ट संदेश दिया है कि देश में नफरत की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है।
फुरकान अंसारी ने कहा कि इस चुनाव में जमाते इस्लामी की करारी हार यह दर्शाती है कि बांग्लादेश के मतदाता कट्टरता और विभाजनकारी राजनीति को अस्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने विकास, शांति और सामाजिक सौहार्द के पक्ष में मतदान कर समावेशी जनादेश दिया है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कई हिंदू प्रत्याशियों की जीत से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि बांग्लादेश की जनता धर्म से ऊपर उठकर योग्य और प्रतिबद्ध उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रही है। उनके अनुसार, यह परिणाम भाषा, संस्कृति और भाईचारे की राजनीति के समर्थन का प्रतीक है।
फुरकान अंसारी ने कहा कि भारत के कई वरिष्ठ नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने जा रहे हैं, जो भारत-बांग्लादेश संबंधों की मजबूती और क्षेत्रीय सहयोग के लिए सकारात्मक संकेत है।
अंत में उन्होंने आशा व्यक्त की कि नई सरकार के नेतृत्व में बांग्लादेश विकास, स्थिरता और सामाजिक समरसता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने बांग्लादेश की जनता को उनके लोकतांत्रिक निर्णय के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह जनादेश अमन, तरक्की और भाईचारे की ऐतिहासिक जीत है।
