
Ranchi : झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को कांके स्थित बेकन फैक्ट्री का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने साफ कहा कि एशिया की सबसे बड़ी और एकमात्र सरकारी बेकन फैक्ट्री को दोबारा शुरू करने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है और इसे जल्द चालू करने की कोशिश है।
रैनबैक ब्रांड की कभी अलग पहचान थी
मंत्री ने सदन को याद दिलाया कि एक समय कांके की इस फैक्ट्री का रैनबैक ब्रांड देश और विदेश में जाना जाता था। यहां से तैयार पोर्क, कबाब, सलामी और सॉसेज जैसे उत्पाद नॉर्थ ईस्ट के राज्यों और पड़ोसी देशों तक भेजे जाते थे। फैक्ट्री बंद होने के बाद यह पहचान धीरे-धीरे खत्म हो गई। अब सरकार चाहती है कि इसे फिर से जिंदा किया जाए ताकि रोजगार भी बढ़े और राज्य की पहचान भी मजबूत हो।
विपक्ष के आंकड़ों को बताया भ्रामक
कटौती प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मंत्री ने विपक्षी विधायक नवीन जायसवाल के आंकड़ों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विभाग ने अब तक 67 प्रतिशत राशि खर्च कर ली है। वित्तीय वर्ष खत्म होने तक 80 से 90 प्रतिशत खर्च का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। उनके मुताबिक काम रुक नहीं रहा है बल्कि तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है।
धान खरीद का पैसा सीधे खाते में
मंत्री ने बताया कि धान खरीद अभियान के तहत 21,800 किसानों को करीब 10 करोड़ रुपये सीधे यूपीआई के माध्यम से उनके खाते में भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कोशिश कर रही है कि किसानों को बिचौलियों के चक्कर में न पड़ना पड़े। मिलेट मिशन योजना के आंकड़े भी जल्द सदन में रखे जाएंगे।
देशी मांगुर पर कार्रवाई, कई एफआईआर
देशी मांगुर मछली के अवैध कारोबार पर भी सरकार सख्त है। मंत्री ने बताया कि इस मामले में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं और कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन हर हाल में कराया जाएगा।
एमएसपी और बोनस पर क्या कहा
एमएसपी के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के बोनस में बढ़ोतरी के पक्ष में है। लेकिन इस पर केंद्र सरकार के रुख को भी देखना होगा। उन्होंने साफ किया कि किसानों के हित से समझौता नहीं किया जाएगा।
महिला किसानों पर खास फोकस
वित्त वर्ष 2026-27 में महिला किसान सशक्तिकरण पर खास जोर दिया गया है। मंत्री ने बताया कि पांच लाख से ज्यादा किसानों को ऋण स्वीकृत किया गया है। करंज तेल के जरिए ग्रीन इकोनॉमी को बढ़ावा देने की योजना है। पशुपालन क्षेत्र में अभी रोज करीब तीन लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जिसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। चर्चा के बाद विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
