पंचायतों को ₹52 लाख से अधिक की ऐतिहासिक स्वीकृति, मनरेगा के तहत मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

महागामा, झारखंड
झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले एक वर्ष में निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप केंद्र सरकार से लगभग ₹52 से ₹65 लाख तक की राशि पंचायतों के विकास के लिए स्वीकृत कराई गई है। पहले जहाँ पंचायतों को मात्र ₹5-10 लाख में कार्य करना पड़ता था, वहीं अब ₹50 लाख से अधिक की राशि से छोटे-बड़े सभी विकास कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। इससे वर्षों से लंबित कार्यों को भी गति मिली है।

मंत्री ने मनरेगा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण योजना को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया अचानक नहीं बल्कि धीरे-धीरे इस प्रकार बनाई जा रही है कि मजदूर स्वयं काम मांगने से हिचकें। इसके बावजूद राज्य सरकार लगातार केंद्र से बकाया राशि दिलाने के लिए संघर्षरत है, ताकि मजदूरों को उनका हक मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा पूरी तरह केंद्र की योजना है और राज्य सरकार मजदूरों के भुगतान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ लड़ाई लड़ रही है।


इसी क्रम में, मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने आज महागामा के मेहरमा प्रखंड अंतर्गत सिमानपुर पंचायत के खट्टी में दुर्गा स्थान के समीप स्थित पोखर में गार्डवॉल निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। यह पहल पोखर के संरक्षण के साथ जलभराव एवं कटाव की समस्या को कम करेगी और क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाएगी।

उन्होंने स्थानीय लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि क्षेत्र की सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। परिसर में शीघ्र ही पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा आसपास की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। लकड़मारा दह की खुदाई पूरी हो चुकी है और अन्य जल स्रोतों के विकास हेतु अनुशंसा भी कर दी गई है।

मंत्री ने कहा कि पुराने नालों का जीर्णोद्धार कर जल प्रवाह को पुनर्जीवित किया जाएगा, जिससे आने वाले एक वर्ष में सिंचाई व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ किया जा सके। इससे किसानों को पर्याप्त पानी मिलेगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।

इसके साथ ही सड़क अवसंरचना को भी सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्य सड़कों के साथ-साथ गाँवों को जोड़ने वाली जर्जर सड़कों का निर्माण एवं मरम्मत इस कार्यकाल में पूरा किया जाएगा।

मंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार का लक्ष्य पंचायत स्तर पर समग्र और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है, जहाँ बुनियादी सुविधाएँ, रोजगार और संसाधनों की उपलब्धता हर व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी गारंटी वाली योजना को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का राज्य सरकार मजबूती से विरोध करेगी और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

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