Netarhat में बैठक: इको सेंसिटिव जोन नियमों के तहत कार्रवाई का ग्रामीणों ने किया समर्थन

लातेहार।
नेतरहाट ग्राम पंचायत भवन में गुरुवार को मुखिया श्री राम बिशुन नागेसिया के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामवासी, पंचायत प्रतिनिधि एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। बैठक में हाल ही में प्रकाशित समाचारों, जिनमें नेतरहाट क्षेत्र में नोटिस के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने तथा नियमों की अनदेखी का उल्लेख किया गया था, पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि प्रशासन द्वारा की जा रही जाँच एवं कार्रवाई तथ्यों तथा विधिक प्रावधानों के आधार पर की जा रही है। इस दौरान Bipin Kumar Dubey द्वारा नेतरहाट इको सेंसिटिव जोन में चल रही जाँच प्रक्रिया की जानकारी साझा की गई। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई इको सेंसिटिव जोन के दिशा-निर्देशों और Chotanagpur Tenancy Act, 1908 के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।
बैठक में सर्वसम्मति से कहा गया कि किसी भी स्थानीय निवासी को उसकी वैध निजी भूमि पर आवास निर्माण से नहीं रोका गया है। इसी प्रकार “होम स्टे” संचालन पर भी पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, बल्कि संचालकों को आवश्यक कागजात एवं अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। केवल उन्हीं मामलों में कार्रवाई की जा रही है, जहाँ सीएनटी अधिनियम एवं इको सेंसिटिव जोन के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विधि-सम्मत है।
बैठक में यह भी कहा गया कि Netarhat एक संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्र है, जिसकी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता एवं पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अनियंत्रित एवं अवैध निर्माण से पर्यावरणीय संतुलन तथा स्थानीय आदिवासी समुदायों के पारंपरिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए नियमों के अनुरूप विकास ही क्षेत्र के हित में बताया गया।
बैठक में प्रशासन से आग्रह किया गया कि स्थानीय निवासियों को इको सेंसिटिव जोन एवं संबंधित कानूनों की जानकारी देने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएँ, ताकि किसी प्रकार की भ्रांति या गलतफहमी उत्पन्न न हो। साथ ही मीडिया प्रतिनिधियों से भी तथ्यों की पुष्टि कर संतुलित एवं जिम्मेदार समाचार प्रकाशित करने का अनुरोध किया गया।
अंत में उपस्थित ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से प्रशासन द्वारा की जा रही विधि-सम्मत कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि वे नियमों के अनुरूप पारदर्शी विकास के पक्षधर हैं और प्रशासन के साथ मिलकर क्षेत्र के पर्यावरण एवं सामाजिक संतुलन की रक्षा के लिए कार्य करेंगे।

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