
रांची, 28 मार्च:
झारखंड की राजधानी रांची में इस वर्ष मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जन्मोत्सव, प्रकृति पर्व सरहुल और ईद-उल-फितर का अद्भुत संगम देखने को मिला। तीनों प्रमुख पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए, जिसने ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ की जीवंत मिसाल पेश की।
श्रीराम जन्मोत्सव के अवसर पर शहर की सड़कों पर सामाजिक सद्भाव का अनोखा दृश्य देखने को मिला। मुस्लिम समाज के युवाओं ने आगे बढ़कर राम भक्तों का स्वागत किया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्वागत मंच लगाए गए, जहां शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को लस्सी, चना और शीतल पेय वितरित किए गए। साथ ही राम भक्तों को पगड़ी पहनाकर और मोमेंटो भेंट कर उनका सम्मान किया गया।
इस अवसर पर झारखंड मुस्लिम युवा मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी ने देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए सभी धर्मों के लोगों का एकजुट रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रांची ने हमेशा आपसी सौहार्द की परंपरा को कायम रखा है और भविष्य में भी इसे बनाए रखा जाएगा।
उत्सव के दौरान युवाओं का उत्साह भी देखने लायक था। कहीं पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन हुआ, तो कहीं छोटे बच्चों को ‘हनुमान’ के रूप में सजा कर उन्हें स्नेह दिया गया। पूरे आयोजन में जिला प्रशासन, शांति समिति और स्थानीय युवाओं का योगदान सराहनीय रहा।
इस कार्यक्रम में अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम, रांची के सीनियर एसएसपी, कोतवाली डीएसपी, डीएसपी दयानंद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर एकता और सद्भाव का संदेश दिया।


