
सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में उत्साह और उद्देश्यपूर्ण सत्र का शुभारंभ
सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में 1 अप्रैल 2026 को नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ प्रथम प्रार्थना सभा के साथ किया गया, जिसका मुख्य विषय स्टीमी (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी, कला, गणित, नवाचार एवं उद्यमिता) रहा। यह आयोजन विद्यालय की उस प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है, जिसके अंतर्गत बहुविषयक अधिगम एवं समग्र विकास को प्रोत्साहित किया जाता है। सुव्यवस्थित रूप से आयोजित इस सभा ने आने वाले सत्र के लिए अनुशासन और प्रेरणा से परिपूर्ण वातावरण का निर्माण किया।

कार्यक्रम की शुरुआत स्नेहपूर्ण वातावरण में हुई, जब शिक्षकों ने विद्यार्थियों का हर्षोल्लासपूर्ण स्वागत करते हुए उन्हें आकर्षक उपहार प्रदान किए, जिससे एक सकारात्मक एवं समावेशी माहौल निर्मित हुआ। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत विद्यालय के टॉपर्स को पौधों के गमले भेंट किए गए, जो विकास, स्थिरता एवं उत्तरदायित्व के प्रतीक हैं तथा नवाचार-आधारित शिक्षण के मूल्यों से सामंजस्य स्थापित करते हैं।
गीता श्लोक के सस्वर पाठ ने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का संचार किया, वहीं विशेष आचरण प्रतिज्ञा ने उत्तरदायित्व, सम्मान एवं सत्यनिष्ठा की भावना को सुदृढ़ किया। मधुर समूहगान (क्वायर ग्रुप) की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में कलात्मकता का समावेश करते हुए स्टीमी के कला आयाम को अत्यंत सुंदर रूप में प्रस्तुत किया।

सभा का एक प्रमुख आकर्षण शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रभारियों एवं हाउस वार्डन्स का औपचारिक परिचय रहा, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को उन मार्गदर्शकों से अवगत कराया गया, जो पूरे वर्ष उनका मार्गदर्शन करेंगे।
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या, श्रीमती मनीषा शर्मा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में इस बात पर बल दिया कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी, कला, गणित, नवाचार एवं उद्यमिता (स्टीमी) का समन्वित समावेश विद्यार्थियों में समालोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता और नवाचार की भावना के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को इस बहुविषयक दृष्टिकोण को अपनाने तथा शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में पूर्ण निष्ठा, उत्साह और समर्पण के साथ सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करने के लिए प्रेरित किया।

