ईरान में जारी नरसंहार और अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर राँची में उबाल

फूँके गए ट्रंप और नेतन्याहू के पुतले

राँची,6 मार्च 2026
ईरान में जारी भारी हिंसा, सैकड़ों स्कूली छात्रों व हज़ारों नागरिकों की मौत और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई की शहादत के विरोध में आज राँची की सड़कों पर ज़बरदस्त आक्रोश देखा गया। झारखंड मुस्लिम युवा मंच के बैनर तले जुमे की नमाज़ के बाद सैकड़ों लोगों ने रतन टॉकीज के समीप विरोध प्रदर्शन किया और वैश्विक शांति के लिए खतरा बने इज़राइल व अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ फूटा गुस्सा
दोपहर करीब 1:40 बजे एकरा मस्जिद के समक्ष एकत्रित हुए प्रदर्शनकारियों ने इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्टरों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान “इंसानियत का दुश्मन अमेरिका-इज़राइल मुर्दाबाद” और “भारत का दुश्मन अमेरिका” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
भारत सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी ने केंद्र सरकार के रुख पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा:
अयातुल्ला ख़ामेनेई की शहादत और निर्दोष नागरिकों का कत्लेआम वैश्विक न्याय के लिए काला धब्बा है।
हिंद महासागर में 100 से ज्यादा ईरानी मेहमानों और जहाजों को अमेरिका द्वारा निशाना बनाया गया, लेकिन भारत सरकार अब तक चुप है। हम इसकी घोर निंदा करते हैं।”
प्रमुख माँगें:
मंच ने केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदायों के समक्ष निम्नलिखित माँगें रखीं:
आपातकालीन निकासी: ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए तत्काल योजना बनाई जाए।
मोदी की मध्यस्थता: प्रधानमंत्री मोदी दोनों पक्षों से संवाद कर तनाव कम करने में अपनी वैश्विक भूमिका निभाएं।
एडवाइजरी: भारतीय दूतावास नागरिकों के लिए निरंतर सुरक्षा दिशानिर्देश जारी करे।
UN का हस्तक्षेप: संयुक्त राष्ट्र (UN) मध्य पूर्व में बढ़ते इस तनाव को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।
इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से फहीम अहमद, सरवर खान, आसिफ खान और भारी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक अंतरराष्ट्रीय अन्याय बंद नहीं होता, उनका संघर्ष और आवाज़ बुलंद रहेगी।

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