
केन्द्रीय सरना समिति के केन्द्रीय महिला अध्यक्ष निशा भगत के साथ प्रशासन के द्वारा दुर्याव्यवहार किया गया थप्पड़ मारा गया जिसको लेकर केंद्रीय सरना समिति ने घोर निंदा किया केन्द्रीय सरना समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष श्री फुलचन्द तिर्की ने कहा कि आज आदिवासियों के जल जंगल जमीन पर चौतरफा हमला किया जा रहा कभी जमीन दलालो के द्वारा तो कमी सरकार प्रसासन के द्वारा आदिवासीयों की जमीन छीनी जा रही घर तोड़े जा रहे आदिवासीयों को घर से बेघर किया जा रहा है वहीं कांतिकारियों को पीटा जा रहा है मारा जा रहा एक तरफ जमीन लूट , घर टूट अब प्रशासन मार पिट में उतारू हो गए है ।
केंद्रीय महिला अध्यक्ष निशा भगत ने कहा कि हर हाल रैयतों को न्याय दिलाया जाएगा केन्द्रीय सरना समिति पीड़ितों के साथ है । मेरी जान भी चली जाए लेकिन मैं संघर्ष करना नहीं छोड़ूँगी ।
केंद्रीय सरना समिति की केंद्रीय प्रवक्ता एंजेल लकड़ा ने कहा ये थप्पड़ निशा भगत को नहीं पूरा आदिवासी समाज को थप्पड़ है और इस थप्पड़ के बाद आदिवासी समाज आक्रोशित है मैं मानती हूँ ये न्यालय का आदेश है लेकिन ये कहीं से सही नहीं है की एक आंदोलनकारी बेटी पे ये हाथ उठाये ,वो कानूनी करवाई कर सकते है एफ आई आर कर सकते है पर थप्पड़ नहीं मार सकते ऐसे पुलिसकर्मियो को बर्खवास्त करे अन्यथा आदिवासी समाज इसके ख़िलाफ़ उग्र आंदोलन करेगी ।
इस बैठक में केंद्रीय सरना समिति के महासचिव संजय तिर्की, रांची जिला सरना समिति के अध्यक्ष अमर तिर्की, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष सत्यनारायण लकड़ा, प्रमोद एक्का,विनय उराँव ,सोहन कच्छप शामिल थे ।
