
Garhwa : जिले में अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। सदर सडीएम संजय कुमार ने मंगलवार तड़के 5 बजे से 7 बजे तक गुप्त छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान बालू तस्करों के नेटवर्क का खुलासा हुआ और तीन बालू लदे ट्रैक्टर जब्त किए गए। छापेमारी को सफल बनाने के लिए एसडीएम ने सरकारी वाहन की जगह बिना नंबर बोर्ड वाले निजी वाहन का इस्तेमाल किया। इससे सड़क किनारे रेकी कर रहे लोग उन्हें पहचान नहीं पाए और प्रशासन की टीम सीधे मौके तक पहुंच सकी। यह कार्रवाई गढ़वा, मेराल और मझिआंव प्रखंड के दानरो, बांकी और कोयल नदी के तटीय इलाकों में की गई। जांच के दौरान गढ़वा थाना के सामने से दो ट्रैक्टर और मझिआंव बाजार क्षेत्र से एक ट्रैक्टर पकड़ा गया। प्राथमिक जांच में गढ़वा से पकड़े गए ट्रैक्टर तारेश सिंह और अशोक मेहता के बताए जा रहे हैं। वहीं मझिआंव से जब्त ट्रैक्टर दुबेतहले निवासी गौरव दुबे का बताया गया है।
छापेमारी के दौरान रंका मोड़ पर एक चाय दुकान के पास खड़े संदिग्ध लोग एसडीएम को देखते ही भाग खड़े हुए। एक व्यक्ति वैगनआर कार में खुद को बंद कर फरार हो गया। जांच में यह वाहन मेढ़ना निवासी सौरभ सिंह का निकला, जिसका नाम पहले भी बालू चोरी के मामलों में सामने आ चुका है। इसके अलावा मझिआंव के बांकी नदी तट पर तीन लोग अधिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए पाए गए। उनके मोबाइल की जांच करने पर रातभर बालू परिवहन से जुड़े सबूत मिले हैं।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि यह सिर्फ अवैध खनन का मामला नहीं है, बल्कि कानून व्यवस्था को सीधी चुनौती देने जैसा है। सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों और रेकी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार पदाधिकारियों से भी जवाब मांगा जा रहा है। जब्त किए गए सभी ट्रैक्टर संबंधित थाना, अंचल और खनन विभाग को सौंप दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और बालू तस्करी से जुड़े पूरे गिरोह पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
