
पाकुड़: जिले के हिरणपुर प्रखंड में इन दिनों कोयला चोरी का खेल खुलेआम चल रहा है। हालात ऐसे हैं कि चोरों को न किसी कार्रवाई का डर है और न ही प्रशासन का खौफ। साइकिल और बाइक के सहारे रोजाना कोयला ढोया जा रहा है और आसपास के इलाकों में इसकी बिक्री भी की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक-दो दिन की बात नहीं, बल्कि रोज का सिलसिला बन चुका है।
साइकिल और बाइक से हो रही ढुलाई
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोग साइकिल पर बोरी में कोयला लादकर ले जाते हैं। कई बार बाइक के जरिए भी कोयला ढोया जाता है। इतना ही नहीं, साइकिल पर कोयला लादकर उसे बाइक से ठेलते हुए ले जाने का तरीका भी अपनाया जा रहा है, ताकि एक बार में अधिक मात्रा में कोयला ले जाया जा सके। सुबह-सुबह और देर रात के समय यह गतिविधि ज्यादा देखी जाती है, जब सड़कें अपेक्षाकृत सुनसान रहती हैं।
खुलेआम चल रहा अवैध कारोबार
ग्रामीणों का कहना है कि कोयला चोरी का यह कारोबार पूरी तरह खुलेआम हो रहा है। कई बार इसकी सूचना प्रशासन को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह नेटवर्क और मजबूत हो सकता है।
सरकार को राजस्व का नुकसान
कोयला चोरी से न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अवैध रूप से निकाला और बेचा जा रहा कोयला सरकारी खजाने को सीधा नुकसान पहुंचा रहा है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों में पुलिस की निष्क्रियता को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि जब सबकुछ खुलेआम हो रहा है, तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में नियमित गश्ती बढ़ाई जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए और कोयला चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
