
धनबाद: बीसीसीएल में प्रस्तावित हड़ताल को लेकर प्रबंधन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मुख्यालय ‘कोयला भवन’ समेत सभी एरिया में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जो देर रात से ही काम करना शुरू कर देंगे। हालात पर 24 घंटे नजर रखने के लिए हर शिफ्ट में तीन सदस्यीय अधिकारियों की टीम तैनात रहेगी। पहली पाली से लेकर तीसरी पाली तक लगातार रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए हर एरिया में सीआईएसएफ की क्यूआरटी (त्वरित कार्रवाई दल) भी तैनात की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
जबरन हड़ताल कराने पर सख्त कार्रवाई
बीसीसीएल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि कार्यस्थलों पर सीसीटीवी, फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति कर्मचारियों पर जबरन हड़ताल में शामिल होने का दबाव बनाता है या उन्हें काम से रोकता है, तो उसके खिलाफ औद्योगिक विवाद अधिनियम (आईडी एक्ट) के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में कोयला भवन से सभी एरिया को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
भारतीय मजदूर संघ ने बनाई दूरी
जहां कई ट्रेड यूनियनें हड़ताल में शामिल होने की तैयारी में हैं, वहीं भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने इस बंद से दूरी बना ली है। बीएमएस का कहना है कि देशहित में कोयला उत्पादन और डिस्पैच बाधित नहीं होना चाहिए।
सीएमडी की कर्मचारियों से अपील
बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कर्मचारियों से राष्ट्रहित और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काम पर उपस्थित होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के उत्पादन और आपूर्ति लक्ष्य को किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों की विशेष टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
