
रांची में सावन की सोमवारी पर भक्ति, देशभक्ति और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला।
श्रावण सोमवारी संध्या महाआरती, पहाड़ी मंदिर के मुख्य द्वार के बैनर तले लगातार दूसरी बार ‘भोले की दौड़’ यानी डाक बम का आयोजन किया गया।
इक्कीसो महादेव, स्वर्णरेखा तट चुटिया से कमांडो डिफेंस एकेडमी मोराबादी के युवक-युवतियों ने इस दौड़ की शुरुआत की।
दौड़ शुरू होने से पहले सभी प्रतिभागियों की आरती की गई और हाथों में जल के साथ तिरंगा लेकर शिवभक्त रांची की सड़कों पर दौड़ पड़े।
बोल बम और भारत माता की जय के नारों से पूरा शहर गूंज उठा।
हाथों में जल और तिरंगे का खूबसूरत संगम लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
दौड़ का समापन पहाड़ी मंदिर परिसर स्थित महाकाल मंदिर में जलाभिषेक के साथ हुआ।
इस दौरान आयोजक नंद किशोर सिंह चंदेल ने कहा कि भक्ति से जुड़े ऐसे कार्यक्रम लगातार रांची में आयोजित किए जाते रहेंगे और आने वाले वर्षों में इसे और भव्य बनाया जाएगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों ने रांची प्रशासन, नगर निगम, एसडीओ रांची, उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार, पुलिस प्रशासन और संबंधित थाना प्रभारियों सहित सभी सहयोगियों का आभार जताया।
वहीं, चुटिया और अन्य इलाकों में स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर शिवभक्तों का स्वागत और अभिनंदन किया।
इक्कीसो महादेव भोले की दौड़ स्वागत समिति में रवि सिंह, छत्रधारी महतो, रेखा महतो, श्याम किशोर सिंह, अनंत तिवारी, मंटू पांडे, गणेश श्यामल, संजय कुमार शशि, रवि प्रताप और रंजीत कुमार महतो सहित कई लोग शामिल रहे।
शाम करीब 5 बजे पहाड़ी बाबा की भव्य संध्या आरती हुई और इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच खीर महाभोग का प्रसाद वितरित किया गया।
कुल मिलाकर, रांची में भोले की दौड़ ने भक्ति, युवा ऊर्जा और देशभक्ति का ऐसा रंग बिखेरा कि सड़कों पर हर तरफ एक ही गूंज सुनाई दी—
बोल बम! हर हर महादेव! भारत माता की जय!
