
गौ सेवा परम धर्म मानकर राज्य में गौशालाओं की तस्वीर बदल रहे: राजीव रंजन
जहाँ भी सुखी गाय हो आप गोशाला में रख सेवा करे – आर के अग्रवाल
चकोलिया ध्यान फॉण्ड्सन गोलोक धाम गोशाला में सूखे गोवंश की संख्या 22600 की सेवा में लगी है डॉ शालनी
ध्यान फाउंडेसन चकोलिया गोशाला को गायो के हरे चारे के लिए संघ ने 2 करोड़ की राशि दी
झारखंड प्रादेशिक गौशाला संघ की एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित
झारखंड प्रादेशिक गौशाला संघ के सर्वसम्मति से पुनः अध्यक्ष बने राजकुमार अग्रवाल
रांची: झारखंड प्रादेशिक गौशाला संघ की एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक 23 दिसंबर 2025, मंगलवार को रांची स्थित होटल बीएनआर में हुई। बैठक की शुरुआत गौ पूजन, आरती से हुई। बैठक में गौशालाओं के संचालन, गौवंश के संरक्षण, संवर्धन, स्वास्थ्य, आहार, प्रबंधन एवं आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
बैठक का संचालन व विषय प्रवेश महासचिव अनिल मोदी ने किया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष आरके अग्रवाल ने झारखंड की गौशालाओं के समुचित विकास के संदर्भ में कई सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने गो सेवा आयोग द्वारा प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं को विकास मद में प्रत्येक वर्ष 50 लाख रुपए का अनुदान को बढ़ाकर एक करोड़ करने का आग्रह किया। उन्होंने कुट्टी व चारा मद में 100 से बढ़कर 200 करने और झारखंड में लागू बिहार गौशाला एक्ट 1960 को शिथिल कर प्रदेश में झारखंड गौशाला एक्ट लागू करने का भी आग्रह किया। उन्होंने संघ की ओर से सरकार से मांग किया है कि 500 से कम गायों वाली गौशाला में एक एवं 500 से अधिक गायों की संख्या वाली गौशालाओं में दो और 1000 से ऊपर गाय वाली गौशालाओं में तीन एवं 2000 गायों वाले गौशालाओं में चार पशु चिकित्सा की अस्थाई सेवा हेतु नियक्ति की जाए संग दवाओ की भी व्यवस्था की जाए ताकि गोवंश का समुचित इलाज हो सके। गौशालाओं में केंचुआ खाद का उत्पादन हो रहा है सरकार से आग्रह है कि इस जैविक खाद की खरीद गौशालाओं के माध्यम से अवश्य करें।
प्रदेश स्तरीय बैठक में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि हमने आप सबों के माध्यम से हमने गौ सेवा को परम धर्म मानते हुए गौशालाओं में राज्य की तस्वीर बदली है। हमको गौशालाओं के सभी समस्याओं पर अमल कर रहे हैं। अनुदान देने की इस तस्वीर को गौ सेवा के भावना से पारित कर सभी मामलों को निष्पादित करने में अपना सहयोग दे रहे हैं। हमने इस पद पर रहकर प्रयास किया है कि इस राज्य की सभी गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए। गोचर भूमि की जानकारी के लिए राज्य के सभी जिला उपायुक्त से जानकारी मांगी गई है। देश और दुनिया के लोग जान सके कि गौ सेवा का कार्य झारखंड गो सेवा आयोग कर रहा है। गौशालाओं से लगातार संवाद स्थापित करने में हमने अपना प्रयास बराबर रखा है। केंचुआ खाद से गौशाला स्वावलंबी होगी। “हमारी गौ माता हमारा दायित्व” का कार्यक्रम हर जिलों में आयोजन करें और सभी गोभक्तों को आमंत्रित करें। राज्य के अंदर गौशाला आत्मनिर्भर हो, यह हमारा लक्ष्य है।
गौ सेवा विशेषज्ञ कर्मवीर ने कहा कि राज्य के गौशालाओं में गाय के गोबर से कई सामग्री बनाने का कार्य हो रहा है। इन सामग्रियों का उत्पादन और बाजार देने की आवश्यकता है। गायों के लिए गोचर भूमि की व्यवस्था की जाए। कम जगह वाले गौशालाओं को गोचर भूमि उपलब्ध कराया जाए। गोचर भूमि को भी मुक्त कराने की दिशा में कार्य होना चाहिए।
गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजू गिरी ने कहा कि गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हर संभव प्रयास किया जा रहा है। खास तौर पर छोटे गौशालाओ को आत्मनिर्भर बनाने की
पहल की जा रही है।
उपाध्यक्ष ताराचंद जैन ने कहा कि राज्य में गायों की तस्करी बंद नहीं हुई है ओर 2006 से गौ हत्या का अधिनियम लागू हुआ लेकिन इसका झारखंड में कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है। साथ ही आग्रह होगा गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा मिलना चाहिए।
*राज्य की 26 गौशालाओं के बीच चारा मद व गायो के अन्य सुविधाओं हेतु दो करोड़ 87 लाख का वितरण झारखण्ड प्रादेशिक गोशाला संघ ने किया*
ध्यान फॉण्ड्सेन गोधाम चकोलिया गोशाला को 2 करोड़ की राशि दी गयी।
गोशाला कतरास,जमशेदपुर को 10 लाख रुपये की राशि, रांची,चाईबासा,पिंजरापोल चकोलिया, हजारीबाग,देवघर,पाकुड़,गिरिडीह,झरिया, कोडरमा गोशाला को 5 — 5 लाख का अनुदान दिया गया वही जामताड़ा,दुमका, मधुपुर, चक्रधरपुर,धनबाद,सिमडेगा, रामगढ़,बोकारो, चंदवा,मेदनीपुर गोशाला को 2– 2 लाख की अनुदान की राशि दी गयी
बैठक में राज्य के 26 विभिन्न गौशालाओं के बीच दो करोड़ 87 लाख रुपये का वितरण संघ के द्वारा किया गया।
दोपहर में राज्य से आये हुए सभी गौशालाओ के प्रतिनिधियों ने अपनी अपनी गौशालाओ के स्वाबलंबी पर चर्चा करते हुए गौशालाओ की समस्या व उनके सुझावों पर भी चर्चा की।
गो सेवा आयोग से निमित कई विषयों पर बृहत चर्चा की गयी।
संघ के अध्यक्ष राज कुमार अग्रवाल ने कहा कि गाय को पशु धन हम नही कहे। गाय हमारी माता है हम इसे माता के रूप में देखे हैं।
संघ के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने संघ के अध्यक्ष पद हेतु गोशाला प्रतिनिधियों से आगे आने का आग्रह किया ।
लेकिन बैठक में उपस्तिथ राज्य की सभी गौशालाओं के प्रतिनिधि ने एक मत के साथ खड़े होकर तालिया की गड़गड़ाहट के स्वागत के साथ उन्हें पुनः अध्यक्ष पद पर बने रहने का आग्रह किया । जिसे उन्होंने स्वीकार्य किया। सभा में सर्व समिति से पुनः राजकुमार अग्रवाल प्रादेशिक गौशाला संघ के अध्यक्ष चुने गए ।
सभा में प्रस्ताव आया की संघ झारखंड सरकार से मांग करती है की गौ सेवा आयोग का पुनः अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद को बनाया जाए।
बैठक में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद,उपाध्यक्ष राजू गिरी, संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह, संघ के अध्यक्ष राज कुमार अग्रवाल,महासचिव अनिल मोदी, राजकुमार शाह, तारा चंद जैन, रामाकांत गुप्ता , शत्रुघन लाल गुप्ता,प्रमोद सारस्वत , डॉ शालनी ,पुनीत पोद्दार,बसंत मित्तल, पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारू, सुरेश संथोलिया, कन्नू अग्रवाल, प्रदीप राजगढ़िया,भानु प्रकाश जालान, मुरलीधर अग्रवाल, मनीष लोधा, अमित चौधरी, बजरंग लाल जी समेत झारखंड प्रदेश भर से विभिन्न गौशालाओं के संचालक, पदाधिकारी एवं गौ सेवा से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञ बड़ी संख्या में भाग लिया।



