
6 जून 2026
राँची: झारखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, लचर प्रशासनिक रवैये और जनजातीय भाषाओं की घोर उपेक्षा के खिलाफ आदिवासी छात्र संघ ने सीधे तौर पर राजभवन का दरवाजा खटखटाया है। शनिवार को आदिवासी छात्र संघ (DSPMU) के अध्यक्ष विवेक तिर्की के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से लोकभवन में मुलाकात कर राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की बदहाली को लेकर एक तीखा और पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से सीमा मुर्मू और ओम प्रकाश उराँव शामिल रहे।
बुनियादी सुविधाओं और पहचान के लिए संघर्ष
राजभवन के समक्ष आक्रोश व्यक्त करते हुए अध्यक्ष विवेक तिर्की ने राज्य की उच्च शिक्षा प्रणाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि झारखंड के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र-छात्राएं बुनियादी सुविधाओं और सुचारू पठन-पाठन के लिए तरस रहे हैं। उच्च शिक्षा का पूरा ढांचा गंभीर समस्याओं और रिक्तियों की बीमारी से जूझ रहा है, जिसे अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
न्यूज़ रिपोर्ट के मुख्य बिंदु एवं पांच सूत्रीय मांगें:
1. जनजातीय भाषा विभागों की बदहाली और नए भवन की मांग
विवेक तिर्की ने पुरजोर तरीके से मांग रखी कि झारखंड के पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में जनजातीय भाषाओं—उराँव/कुड़ुख, मुण्डारी, हो, संथाली एवं खड़िया—के स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) विभागों की स्थापना अनिवार्य रूप से की जाए। केवल कागजों पर विभाग खोलना काफी नहीं है; हर विभाग में पर्याप्त कक्षाएं, विभागीय लाइब्रेरी, संग्रहालय (म्यूज़ियम) और पारंपरिक धुमकुड़िया की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप नए और आधुनिक भवनों का निर्माण अविलंब शुरू किया जाए।
2. लिपियों के वजूद की लड़ाई: पाठ्यक्रम में शामिल करने की चेतावनी
जनजातीय संस्कृति के संरक्षण पर जोर देते हुए विवेक तिर्की ने कहा कि केवल भाषा बोलना काफी नहीं है, उनके अस्तित्व को बचाने के लिए लिपियों का जीवित रहना जरूरी है। उन्होंने मांग की कि पाठ्यक्रम में संबंधित लिपियों का एक अनिवार्य पेपर शामिल किया जाए:
• उराँव/कुड़ुख भाषा हेतु: तोलोंग सिकी लिपि
• संथाली भाषा हेतु: ओल चिकी लिपि
• अन्य जनजातीय भाषाएँ: उनकी मानक और स्वीकृत लिपियाँ
इन भाषाओं और लिपियों के संरक्षण, शोध और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को ठोस एवं समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
3. लोकतांत्रिक अधिकारों पर ताला: छात्र संघ चुनाव की तत्काल मांग
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालयों में लोकतंत्र की बहाली को लेकर कड़ा रुख अपनाया। विवेक तिर्की ने स्पष्ट किया कि परिसरों में छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के लिए झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव शीघ्र अति शीघ्र आयोजित कराए जाएं।
4. शिक्षकों की कमी और गेस्ट फैकल्टी की तत्काल नियुक्ति
शिक्षकों के हजारों खाली पदों के कारण छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ पर गहरी चिंता जताई गई। जब तक स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक आवश्यकता आधारित (Need-Based) गेस्ट फैकल्टी की तत्काल बहाली की जाए ताकि कक्षाओं का संचालन बिना किसी बाधा के निर्बाध रूप से चल सके।
5. DSPMU खेल शिक्षक पर गंभीर आरोप: अवैध वसूली और अभद्रता का पर्दाफाश
रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में खेल विभाग के भीतर चल रहे गंभीर कदाचार का मामला सबसे गरमाया रहा। विवेक तिर्की ने राज्यपाल को अवगत कराया कि छात्र-छात्राएं लंबे समय से खेल शिक्षक की तानाशाही और भ्रष्टाचार से त्रस्त हैं।
गंभीर आरोप: खेल शिक्षक पर छात्रों से अवैध रूप से धन उगाही करने और विशेषकर महिला छात्राओं के साथ अभद्रता व दुर्व्यवहार करने के बेहद संगीन आरोप हैं। इसके अलावा, खेलों में चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी नहीं है, जिससे योग्य खिलाड़ियों की प्रतिभा का गला घोंटा जा रहा है और संस्थान की छवि धूमिल हो रही है। इस पर तत्काल निलंबन और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।
राज्यपाल का कड़ा रुख और आश्वासन
आदिवासी छात्र संघ के तेवरों और तथ्यों को महामहिम राज्यपाल ने बेहद ध्यानपूर्वक सुना। मामलों की गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल ने सहमति जताई कि ये सभी मुद्दे अत्यंत संवेदनशील और अहम हैं। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इन सभी उपर्युक्त मांगों पर शीघ्र कड़ा संज्ञान लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
राज्यपाल के इस आश्वासन के बाद छात्र संघ को उम्मीद है कि झारखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, सुदृढ़ता और गुणवत्ता आएगी, तथा जनजातीय भाषाओं व संस्कृति के संरक्षण को एक प्रभावी और वास्तविक गति मिलेगी।
