भाजपा के आरोपों पर लातेहार झामुमो का पलटवार, पिछले दिनों आयोजित भारतीय जनता पार्टी के प्रेस वार्ता को बताया भ्रामक और तथ्यविहीन, कहा झामुमो के बढ़ते जनाधार से घबरा गई है भाजपा।

जिस प्रेस वार्ता का इंतजार लातेहार जिले के तमाम राजनीतिक लोगों को था वह आज अंततः चंदवा के इंदिरा गांधी चौक स्थित पथ निर्माण विभाग के विश्राम में आयोजित हो ही गई।

लातेहार झामुमो के द्वारा आज विगत दिनों चंदवा में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित कर रांची स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित हुए एक बड़े सदस्यता अभियान के ऊपर जो आक्षेप किए गए थे उस पर झामुमो के नेताओं ने आज तीखा पलटवार किया।

यहां यह बताना महत्वपूर्ण है कि पिछले 13 दिसंबर को लातेहार के झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव के नेतृत्व में 200 से ज्यादा प्रबुद्ध लोगों ने झारखंड मुक्ति मोर्चा का दामन थाम लिया था जिसमें से कई भाजपा के पदाधिकारी शुभचिंतक और समर्थक थे उसके बाद से ही भाजपा में में खलबली थी।

इसपर एक प्रेस वार्ता आयोजित कर लातेहार के विधायक प्रकाश राम, पूर्व मंडल अध्यक्ष अमित कुमार गुप्ता, और नवनियुक्त मंडल अध्यक्ष आशीष कुमार सिंह की अगवाई में भाजपा का पक्ष रखा गया था।

प्रेस वार्ता में झारखंड मुक्ति मोर्चा और उससे जुड़े नेताओं पर कई आरोप लगाए गए थे जिसमें अपने ही गठबंधन के लोगों को पार्टी में शामिल करना, चंदवा प्रखंड के 15 पंचायत प्रतिनिधियों को बरगलाकर झारखंड मुक्ति मोर्चा की सदस्यता दिलाना और भाजपा के सिर्फ एक कार्यकर्ता को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी के किसी भी अधिकृत कार्यकर्ता के झामुमो  में शामिल होने से इनकार जैसे प्रमुख बिंदु शामिल थे।

प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के द्वारा झामुमो  के कुछ नए सदस्यों पर व्यक्तिगत आक्षेप भी लगाए गए थे जिससे झामुम तिलमिलाई हुई थी।

आज इस विज्ञप्ति का पलटवार करते हुए जो प्रेस वार्ता आयोजित हुई उसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष मनोज चौधरी के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा से नए-नए जुड़े आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता और युवा नेता सौरभ श्रीवास्तव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा का पक्ष रखा।

इस प्रेस वार्ता में लातेहार के जिला उपाध्यक्ष शीतमोहन मुंडा, युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अंकित कुमार तिवारी, नए सदस्य नितिन कुमार, रोहित अग्रवाल और चंदवा के उपप्रमुख अश्विनी कुमार मिश्रा भी उपस्थित थे।

इन सभी नेताओं की उपस्थिति में मीडिया से मुखातिब होते हुए झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि जो प्रेस वार्ता भारतीय जनता पार्टी के द्वारा आयोजित की गई थी वह भाजपा की हताशा दिखती है।इस प्रेस वार्ता में विधायक जी ने तो पूर्व के भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को भाजपा का सदस्य मानने से ही इनकार कर दिया जो बेहद हास्यास्पद है।

उन्होंने तथ्यों के साथ अपनी बातें रखी और कहा कि नितिन कुमार जो 2021 में भारतीय जनता पार्टी के लातेहार के किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष थे उन्हें 2019 में ही पार्टी से निष्कासित बता दिया गया यह बात कहीं से भी राजनीतिक प्रतीत नहीं होती।

सौरभ ने आगे कहा की भाजपा के प्रेस वार्ता में चंदवा के उप प्रमुख अश्विनी मिश्रा के नेतृत्व में 15 पंचायत प्रतिनिधियों के झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल होने को भ्रामक बताया गया था और कहा गया था कि 10 से ज्यादा पंचायत प्रतिनिधि उस दिन भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं जो की बिल्कुल गलत बात थी क्योंकि उसी के अगले दिन मैलुस्कीगंज में एक रिसॉर्ट में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी जिसमें आठ पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे और उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के आदर्शों पर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर की।

उन्होंने कहा कि विधायक जी ने कहा था कि पंचायत प्रतिनिधियों को बरगलाकर झारखंड मुक्ति मोर्चा की सदस्यता दिलाई गई पंचायत प्रतिनिधि एक सशक्त जनप्रतिनिधि होता है फिर ऐसा कैसे संभव है कि उन्हें बरगलाकर चंदवा से रांची और फिर वहां केंद्रीय कार्यालय ले जाया गया और उन्होंने स्वेच्छा से पार्टी के प्रदेश महासचिव और वरीय नेता विनोद कुमार पांडेय के द्वारा सदस्यता ग्रहण की अगर ऐसा होता कि उन्हें बरगलाया गया होता तो वहां जाते ही क्यों?

प्रेस वार्ता में झामुमो की ओर से कहा गया कि चंदवा प्रखंड और पूरे लातेहार जिले में कई बड़ी और विकट समस्याएं हैं जिसमें चंदवा के आरओवी की समस्या महत्वपूर्ण है जिस पर विधायक और यहां तक की सांसद भी मौन रहते हैं और दलों में लोगों के आने-जाने पर अनर्गल बयान बाजी करते रहते हैं जिससे क्षेत्र की जनता क्षुब्ध है और इसी वजह से आने वाले महीने में और भी बड़ी संख्या में लोग झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़ने वाले हैं यह बात मीडिया को नोट कर लेना चाहिए।

सौरभ ने आगे कहा कि सरकार पर भारत भारतीय जनता पार्टी ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि सरकार लोहा चोरी,बालू चोरी, पत्थर चोरी, कोयला के रैक लोडिंग जैसी चीजों में लिप्त है जबकि यह बाद बेहद हास्यास्पद की इस प्रेस वार्ता में कुछ ऐसे लोग भी मौजूद थे जिस पर इन्हीं मामलों के संगीन आरोप हैं और कइयों ने तो कारागार की यात्रा तक की है और मामला अभी भी न्यायालय में लंबित है ऐसी स्थिति उन लोगों को प्रेस वार्ता में बिठाकर सरकार पर आरोप लगाना माननीय विधायक और पूरे भारतीय जनता पार्टी की हताशा दर्शाता है।

आज की प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अश्विनी मिश्रा ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े हुए सभी नए सदस्यों का ध्यान पूरी तरीके से क्षेत्र और प्रखंड के विकास की ओर है और यही वजह है कि लोगों का रुझान झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रति बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में जो भी लोग क्षेत्र और प्रखंड के विकास के प्रति प्रतिबद्ध हैं उन्हें झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़ना चाहिए।

प्रेस वार्ता में मीडिया से बात करते हुए जिला उपाध्यक्षित शीतमोहन मुंडा ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की बढ़ती लोकप्रियता से विधायक जी हताश है और इसीलिए कुछ भी बयानबाजी कर रहे हैं लेकिन क्षेत्र की जनता इसे भली-भांति समझती है और झामुमो  का जनाधार लगातार बढ़ता ही रहेगा।

लातेहार युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अंकित तिवारी ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है और कई महत्वपूर्ण योजनाएं केंद्र से लंबित है जिसमें छात्रों की छात्रवृत्ति पर रोक-एक बड़ी और गंभीर समस्या है इस पर विधायक जी कुछ नहीं कहते लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़ने वाले लोगों का लेखा-जोखा और व्योरा देते रहते हैं।

प्रेस वार्ता के अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर वह भाजपा के सभी नेताओं का बेहद सम्मान करते हैं लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा इस प्रकार के राजनीतिक आक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगी और जरूरत हुआ तो आने वाले समय में तथ्यों के साथ लगातार प्रेस और मीडिया के सामने पार्टी का पक्ष मजबूती से रखती रहेगी।

इस प्रेस वार्ता में झारखंड मुक्ति मोर्चा के सैकड़ो कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे जिसमें मुख्य रूप से चंदवा के प्रखंड अध्यक्ष मनोज चौधरी, जिला उपाध्यक्ष शीतमोहन मुंडा, युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अंकित तिवारी, हाल ही में पार्टी के साथ जुड़े रोहित अग्रवाल, नितिन कुमार, मनीष कुमार, मोहम्मद सरफराज, बबलू राही नितिन कुमार, दारा सिंह, देव ओझा, माल्हन के मुखिया जतरू मुंडा, गुलाम रब्बानी और भी कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

यहां यह बताना महत्वपूर्ण है कि इस प्रेस वार्ता के बाद से जिले भर में राजनीतिक सरगर्मी तेज है और लातेहार की राजनीति गरमायी हुई है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में झारखंड मुक्ति मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी की यह राजनीतिक प्रतिस्पर्धा कहां जाकर रुकती है।

बहरहाल झामुमो  में कई नए नेताओं के जुड़ने के बाद से ही जहां झामुमो मजबूती की ओर अग्रसर है वहीं विपक्ष पर दबाव भी है।

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