ढाई करोड़ पौधों से झारखंड की महिलाओं ने रचा इतिहास: माधवपुर में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का बड़ा संदेश

माधवपुर (बोड़ाम), पूर्वी सिंहभूम:
झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम पंचायत अंतर्गत माधवपुर में RPG Group एवं IMPCA द्वारा आयोजित वृक्षारोपण आधारित सतत आजीविका कार्यक्रम में भाग लिया।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि जहाँ सामान्यतः एक व्यक्ति एक पेड़ लगाने की बात करता है, वहीं झारखंड की महिलाओं ने ढाई करोड़ से अधिक पौधे लगाकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि फलदार वृक्षों, आम के बागानों और उपयोगी पौधों के रोपण से न केवल पर्यावरण संरक्षण हो रहा है, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आय भी सशक्त हो रही है।
मंत्री ने बताया कि वृक्षारोपण से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है और कार्बन क्रेडिट के माध्यम से अतिरिक्त आय की संभावना भी बनती है। उन्होंने कहा कि गाँवों में लगाए गए पेड़ों से भविष्य में महिलाओं के खातों में कार्बन क्रेडिट का लाभ पहुँचेगा, जो आजीविका का मजबूत साधन बनेगा।
उन्होंने कहा कि झारखंड की महिलाओं ने अपने साथ-साथ परिवार के पुरुषों के हिस्से का भी पौधारोपण कर राज्य की कुल आबादी के बराबर पौधे लगाने का रिकॉर्ड बनाया है। महिलाओं ने घर-निर्माण में उपयोगी लकड़ी, आम, बाँस, आँवला एवं अन्य फलदार व औषधीय पौधों का चयन कर दूरदर्शिता का परिचय दिया है।
मंत्री ने जानकारी दी कि झारखंड, विशेषकर जमशेदपुर क्षेत्र की महिलाएँ आम के बागान विकसित कर निर्यात तक कर रही हैं। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है और उनकी मेहनत का फल विदेशों तक पहुँच रहा है।
उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन झारखंड की पहचान हैं और राज्य निर्माण का मूल आधार भी यही रहा है। आज जब दुनिया पर्यावरण संकट से जूझ रही है, तब झारखंड ने अपनी प्राकृतिक धरोहर को काफी हद तक सुरक्षित रखा है।
मंत्री ने मंईयां सम्मान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के खातों में हर महीने ₹2500 की राशि सीधे भेजी जा रही है, ताकि बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतें पूरी हो सकें। उन्होंने हिमाचल और कर्नाटक जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि यह योजना झारखंड में भी सफलतापूर्वक लागू की जा रही है।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से सहकारी मॉडल अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्कूल यूनिफॉर्म, बैग और अन्य सरकारी आवश्यक वस्तुओं का निर्माण समूहों के माध्यम से कर रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं।
उन्होंने महिलाओं से अफवाहों से दूर रहकर संगठित रूप से अपने सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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