
झारखंड में 9 वर्षों से लंबित JTET परीक्षा शीघ्र आयोजित करने की मांग तेज-
रांची दिनांक 22 फरवरी 2026
झारखंड राज्य में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की संशोधित नियमावली विगत लगभग 9 वर्षों से लंबित रहने के कारण राज्य के लाखों प्रशिक्षित एवं योग्य अभ्यर्थियों को मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में झारखंड प्रशिक्षित शिक्षक संघ द्वारा सरकार से अविलंब संशोधित नियमावली को स्वीकृति प्रदान कर JTET परीक्षा आयोजित कराने की मांग को लेकर आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य 9 वर्षों से लंबित JTET परीक्षा को अतिशीघ्र आयोजित कराने हेतु डिजिटल माध्यम से X (पूर्व में Twitter) पर अभियान चलाने की जानकारी देना था। इस क्रम में दिनांक 23 फरवरी 2026, दिन सोमवार, प्रातः 9:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक राज्यभर के लाखों अभ्यर्थियों द्वारा ट्वीट एवं रीट्वीट किए जाएंगे।
इस डिजिटल अभियान का मुख्य हैशटैग #conduct_jtet_exam_soon निर्धारित किया गया है।
संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि राज्य गठन के 26 वर्षों में मात्र दो बार—वर्ष 2013 एवं 2016—में ही JTET परीक्षा आयोजित की गई है, जबकि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के दिशा-निर्देशों के अनुसार शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन प्रत्येक वर्ष कम-से-कम एक बार अथवा वर्ष में दो बार किया जाना आवश्यक है। परीक्षा के नियमित आयोजन के अभाव में झारखंड के अभ्यर्थी राष्ट्रीय मानकों की तुलना में निरंतर पिछड़ते जा रहे हैं।
ज्ञात हो कि अगस्त 2024 में राज्य सरकार द्वारा JTET हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसमें लगभग 3.5 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसके पश्चात त्रुटिपूर्ण सिलेबस के विरोध में शिक्षा विभाग द्वारा नियमावली एवं अधिसूचना वापस ले ली गई। बाद में जिलावार भाषा के आधार पर नई नियमावली तैयार की गई, किंतु विभिन्न स्तरों पर विरोध के कारण पुनः अधिसूचना वापस ले ली गई, जिससे अभ्यर्थियों में असमंजस एवं निराशा की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
इस विषय को लेकर अभ्यर्थियों द्वारा शांतिपूर्ण पैदल मार्च एवं धरना-प्रदर्शन भी आयोजित किया गया। तत्पश्चात 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं, जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा एक माह के भीतर नियमावली तैयार कर परीक्षा आयोजित कराने का आश्वासन दिया गया।
संघ ने सरकार से मांग की है कि अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए JTET की संशोधित नियमावली को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर परीक्षा आयोजित कराने हेतु आवश्यक पहल की जाए, ताकि राज्य के लाखों अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।
