पारस कैंसर सेंटर में HIPEC तकनीक से एडवांस कैंसर का इलाज कर 67 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

रांची: धुर्वा स्थित पारस कैंसर सेंटर में एडवांस ओवरी कैंसर से जूझ रही 67 वर्षीय महिला का सफल इलाज कर डॉक्टरों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जटिल सर्जरी के बाद मरीज की हालत तेजी से सुधार आया और ऑपरेशन के मात्र छह दिन बाद उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। सर्जिकल डॉक्टर अभिनव के टीम के अनुसार, मरीज  काफी गंभीर  अवस्था में थी। इलाज की शुरुआत तीन चरण की कीमोथेरेपी से की गई, जिसके बाद साइटोरिडक्टिव सर्जरी और हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी जैसी अत्याधुनिक प्रक्रिया अपनाई गई। इस तकनीक में सर्जरी के दौरान कैंसरग्रस्त ट्यूमर को हटाने के बाद पेट के अंदर में अत्याधुनिक मशीन के द्वारा गर्म कीमोथेरेपी दवा प्रवाहित की जाती है, जिससे बची हुई कैंसर कोशिकाओं पर सीधे प्रभाव पड़ता है। हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी तकनीक उन्नत ओवरी कैंसर के मरीजों के लिए बेहद कारगर साबित हो रही है और इससे मरीजों को 15 से 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त जीवन लाभ मिल सकता है। अब तक इस तरह का इलाज केवल बड़े महानगरों में उपलब्ध था, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ता था और भारी खर्च उठाना पड़ता था।
पारस हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ नीतेश कुमार ने कहा कि पारस हॉस्पिटल में अत्याधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की टीम के समन्वय से अब जटिल से जटिल कैंसर का इलाज स्थानीय स्तर पर ही संभव हो गया है। उन्होंने बताया कि हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधा के उपलब्ध होने से झारखंड के मरीजों को अब महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल का उद्देश्य मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज, बेहतर देखभाल और तेजी से रिकवरी सुनिश्चित करना है, ताकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को नई उम्मीद और जीवन मिल सके।

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