
आगामी 1 जुलाई को डॉ. विशेश्वर प्रसाद केशरी जी (डॉ. वी.पी. केशरी) की जयंती है. रांची जिला के पिठौरिया गांव के निवासी डॉ. वी.पी. केशरी साहित्यकार, शिक्षाविद् के साथ-साथ एक झारखंड आंदोलनकारी भी थे. सन् 1987 में झारखंड समन्वय समिति गठित कर झारखंड आंदोलन को उच्च मुकाम तक पहुँचाने में अग्रिम भूमिका अदा की. अलग राज्य बनने के बाद भी राज्य की बेहतरी के लिए हमेशा सक्रीय रूप से काम करते रहे. वैश्यों के अग्रणी सामाजिक संगठन वैश्य मोर्चा को गठन काल से ही दिशा प्रदान करते रहे और विभिन्न कार्यक्रमों में उपस्थित हो कर अपना समर्थन देते रहे. हिन्दी मासिक ‘वैश्य मोर्चा’ पत्रिका के सलाहकार रहे और समय-समय पर अपने विचारों, लेखों से पत्रिका को समृद्ध करते रहे. 11 अक्टूबर 2009 को हरमू मैदान में आयोजित वैश्य महारैली में वैश्य मोर्चा द्वारा उन्हें ‘झारखंड वैश्य रत्न’ की उपाधि से सम्मानित किया गया था. यह सम्मान उन्हें भारत सरकार के तत्कालीन कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल (अब स्व.) के हाथों प्रदान किया गया था. डॉ. वी.पी. केशरी वैश्य मोर्चा को व्यक्तिगत तौर पर बहुत ही मानते थे और कार्यक्रमों/बैठकों में बोलते थे कि वैश्य मोर्चा ही समाज को जगा सकती है और पिछड़ों का वाजिब हक दिला सकती है.
इसी आलोक में झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा की ओर से डॉ. वी.पी. केशरी जी के जयंती दिवस पर आगामी 1 जुलाई को रांची में ‘जयंती कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी’ का आयोजन किया जायेगा. इस कार्यक्रम में कई बुद्धिजीवियों एवं झारखंड आंदोलनकारियों को भी आमंत्रित किया जायेगा. साथ ही सभी से विचार विमर्श करने के बाद वैश्य मोर्चा के आगामी कार्यक्रमों की भी घोषणा की जायेगी.
इस महती कार्यक्रम में सभी केंद्रीय पदाधिकारी, सदस्य, जिलाध्यक्ष एवं प्रकोष्ठ संगठन के पदाधिकारी शामिल होंगे. इसकी तैयारी शुरू कर दी गयी है.
