
22 पदकों के साथ सरला बिरला पब्लिक स्कूल का दमदार प्रदर्शन, चार खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप के लिए किया क्वालीफाई
सरला बिरला पब्लिक स्कूल, राँची के विद्यार्थियों ने 26वीं सब-जूनियर एवं जूनियर झारखंड राज्य ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए खेल जगत में एक और स्वर्णिम उपलब्धि अपने नाम की। राज्य के 21 जिलों से लगभग 700 खिलाड़ियों की सहभागिता वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में विद्यालय के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट कौशल, अटूट आत्मविश्वास एवं अनुकरणीय खेल भावना का परिचय देते हुए कुल 22 पदक अर्जित किए। इनमें 9 स्वर्ण, 6 रजत एवं 7 कांस्य पदक शामिल हैं।
विद्यालय की इस उपलब्धि को और भी गौरवपूर्ण बनाते हुए तन्वी वत्स, श्रेया नंदी, ऋत्विक आर्य एवं सिया शुक्ला ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई किया। यह सफलता विद्यालय में उपलब्ध उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, खिलाड़ियों के समर्पण तथा निरंतर परिश्रम का सशक्त प्रमाण है।
स्वर्ण पदक विजेता विद्यार्थियों में ऋषिका कुजूर (पहली कक्षा), श्रेष्ठ शुक्ला (दूसरी कक्षा), आस्था लकड़ा (चैथी कक्षा), वाणी भूषण (चैथी कक्षा), अद्विका वर्मा (छठी कक्षा), तन्वी वत्स (आठवीं कक्षा), श्रेया नंदी (दसवीं कक्षा), ऋत्विक आर्य (दसवीं कक्षा) तथा सिया शुक्ला (ग्यारहवीं कक्षा) शामिल रहे।
रजत पदक विजेता विद्यार्थियों में श्रद्धा लक्ष्मी (तीसरी कक्षा), मोनाली पॉल (पाँचवीं कक्षा), हर्षिता गोस्वामी (छठी कक्षा), कुमार चिराग राज सिंह (नौवीं कक्षा) तथा आध्या लिया (नौवीं कक्षा) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
कांस्य पदक विजेता विद्यार्थियों में गौरी राज (पाँचवीं कक्षा), स्नेहल उपाध्याय (नौवीं कक्षा), प्रतिज्ञा सिंह (नौवीं कक्षा), अंश ठाकुर (दसवीं कक्षा) तथा पलक उपाध्याय (ग्यारहवीं कक्षा) शामिल रहे।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मनीषा शर्मा ने सभी विजेता खिलाड़ियों एवं उनके प्रशिक्षकों को इस उल्लेखनीय सफलता पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि पदकों की यह शानदार उपलब्धि तथा राष्ट्रीय ताइक्वांडो चंैपियनशिप के लिए खिलाड़ियों का चयन इस बात का प्रमाण है कि सरला बिरला पब्लिक स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ खेल प्रतिभाओं को भी समान रूप से प्रोत्साहित करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, समर्पण, निरंतर अभ्यास एवं अटूट खेल भावना के साथ भविष्य में भी नई ऊँचाइयों को छूने के लिए प्रेरित किया।
