
झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने महागामा विधानसभा क्षेत्र में जनसुविधाओं, प्रशासनिक आधारभूत संरचना एवं शैक्षणिक संस्थानों के सुदृढ़ीकरण से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा आम नागरिकों को बेहतर, सुगम और समयबद्ध सरकारी सेवाएँ उपलब्ध होंगी।
मेहरमा प्रखंड की गझंडा पंचायत अंतर्गत ग्राम अमडीहा में लगभग 57.58 लाख रुपये की लागत से नाला निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इस योजना से जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और जलजमाव की समस्या से ग्रामीणों को राहत मिलेगी।

महागामा प्रखंड के सिनपुर स्थित मदरसा जामिया इस्लामिया छात्रावास तथा परसा स्थित मिल्लत कॉलेज छात्रावास के मरम्मति एवं जीर्णोद्धार कार्यों का भी शिलान्यास किया गया। लगभग 92 लाख रुपये की लागत से होने वाले इन कार्यों से विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।
मंत्री ने महागामा प्रखंड परिसर में 6.11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी, पर्यवेक्षीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों के आवास, प्रखंड परिसर विकास एवं अन्य निर्माण कार्यों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से जनसेवा अधिक प्रभावी, उत्तरदायी एवं समयबद्ध होगी तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
इसके साथ ही ब्लॉक परिसर में 25.76 लाख रुपये की लागत से पार्किंग स्थल निर्माण एवं 17.90 लाख रुपये की लागत से पेवर ब्लॉक निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं से परिसर अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ एवं नागरिक-अनुकूल बनेगा।
इस अवसर पर श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार नए शैक्षणिक संस्थानों की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने बताया कि महागामा में प्रस्तावित 300 बेड अस्पताल के निर्माण के बाद मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जाएगा, जिससे भविष्य में महागामा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन सकेगा।
मंत्री ने झारखंड की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जेएसएलपीएस की बहनों ने पिछले वर्षों में करोड़ों पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। आज राज्य की महिलाएँ अपने उत्पादों को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचा रही हैं, जो उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के साथ-साथ सामाजिक विकास के क्षेत्रों में भी लगातार कार्य कर रही है। बाल विवाह की रोकथाम, महिलाओं के विरुद्ध हिंसा में कमी तथा सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि आजीविका सृजन का प्रभाव भले ही सड़क और भवन की तरह दिखाई नहीं देता, लेकिन यह समाज के जीवन स्तर को गहराई से बदलता है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने आर्थिक सशक्तिकरण के साथ सामाजिक परिवर्तन की भी मजबूत नींव रखी है।
अंत में उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन विकास को गति देने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि समस्याओं के साथ-साथ क्षेत्र की सकारात्मक उपलब्धियों, बच्चों की सफलताओं और महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों को भी प्रमुखता से सामने लाया जाए, ताकि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और विकास का वातावरण मजबूत हो।
