
रांची, 15 अप्रैल 2026:
रांची के हेहल स्थित SIRD सभागार में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की जानकारी और क्षमता विकास पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्घाटन मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने किया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि आधुनिक समय में तकनीक एक महत्वपूर्ण साधन है, जो कार्य को सरल और प्रभावी बनाती है, लेकिन यह मनुष्य का स्थान नहीं ले सकती। उन्होंने AI को लेकर फैल रही आशंकाओं को निराधार बताते हुए कहा कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसकी सकारात्मकताओं को अपनाकर कार्यक्षमता बढ़ाई जा सकती है।
मंत्री ने विशेष रूप से स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जब ये महिलाएं भी AI तकनीक का उपयोग करने लगेंगी, तब यह पहल वास्तव में सफल मानी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से नई तकनीकों को सीखने और अपने कार्यक्षेत्र में उनका अधिकतम उपयोग करने की अपील की।
कार्यशाला का आयोजन झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) द्वारा किया गया है, जिसमें कुल छह प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 450 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान सत्र में 60 से अधिक प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों और अग्रणी तकनीकी कंपनियों के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं, जो प्रतिभागियों को AI प्लेटफॉर्म और टूल्स के उपयोग, डेटा विश्लेषण, डेटा फोरकास्टिंग, सर्वे एवं डेटा कलेक्शन तथा संचार प्रक्रियाओं में सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दे रहे हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि तकनीक के उपयोग के साथ-साथ उसके दुरुपयोग से सावधान रहना आवश्यक है, विशेषकर सरकारी कार्यों में डेटा के उपयोग के दौरान। उन्होंने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को जल्द ही जिला और प्रखंड स्तर पर भी आयोजित किया जाएगा।

कार्यशाला में JSLPS के CEO अनन्य मित्तल सहित विष्णु परिदा, राकेश कुमार, अमीन रहमान, नियति मर्चेंट, विनोद पांडेय और एस दास समेत कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
