
वर्ल्ड इंडिजिनस डे के अवसर पर चारिटेबल चार्म्स की अध्यक्षा डॉ. ख्याति मुंजाल के नेतृत्व में ख्याति.. द बुटीक, फिरायालाल बिल्डिंग, बेसमेंट, मेन रोड, रांची में एक गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. ख्याति मुंजाल ने इस महत्वपूर्ण पहल एवं सहयोग के लिए JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, श्री अनन्य मित्तल, आईएएस जी के प्रति आभार प्रकट करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। रूपम झा (जनसंपर्क समिति की अध्यक्ष) ने कहा कि आदिवासी संस्कृति एवं कला को सम्मान और उचित मंच देना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (JSLPS) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तशिल्प, महिला उद्यमिता एवं आत्मनिर्भरता को सम्मानित एवं प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) वंदना चौधरी तथा JSLPS की ओर से SPM (वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक) श्री नितीश कुमार सिन्हा जी एवं उनकी टीम के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने आदिवासी संस्कृति, स्थानीय हस्तशिल्प, महिला उद्यमिता एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर आदिवासी कला एवं हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
अपने स्वागत संबोधन में डॉ. ख्याति मुंजाल ने कहा, “चारिटेबल चार्म्स का उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों को शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। आदिवासी समाज की संस्कृति, कला और परंपराएँ हमारी अमूल्य धरोहर हैं। हमारा प्रयास है कि हर महिला अपने हुनर को अपनी पहचान बनाए और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़े।”
JSLPS के SPM श्री नितीश कुमार सिन्हा जी ने महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय उद्यमियों को बेहतर अवसर और बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) वंदना चौधरी ने अनुशासन, आत्मविश्वास, शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण को समाज के विकास का आधार बताया।
कार्यक्रम में रीना जी, निधि गुप्ता (कोषाध्यक्ष), प्रभा सिंह (कौशल विकास समिति की अध्यक्ष), अर्चना सिंह, प्रतिभा सिंह, किरण सिंह, प्रीति झा, मौमिता चौधरी एवं आरती सुल्तानिया सहित चारिटेबल चार्म्स के अन्य सदस्य, स्वयंसेवक एवं अन्य गणमान्य अतिथियों एवं विशिष्ट व्यक्तियों की उपस्थिति रही। सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समारोह के अंत में अतिथियों का सम्मान किया गया तथा महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, आदिवासी कला एवं संस्कृति के संरक्षण और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया गया। चारिटेबल चार्म्स ने भविष्य में भी महिलाओं एवं बच्चों के उत्थान तथा समाज के वंचित वर्गों के लिए जनकल्याणकारी कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
