
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज के बयान पर कांग्रेस के प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भाजपा युवा मोर्चा को जब छात्रों ने अपने मंच से दलगत राजनीति करने की अनुमति नहीं दी, तब से भाजयुमो आंदोलन के मुद्दे पर राजनीति करने और उसे भटकाने की लगातार कोशिश कर रहा है। छात्रों ने साफ कर दिया है कि उनका मंच किसी राजनीतिक दल का मंच नहीं है, इसलिए भाजयुमो की बेचैनी समझी जा सकती है।
ऋषीकेश सिंह ने कहा कि भाजयुमो कभी “जुनैद की बिरयानी” के नाम पर, कभी “मंदिर के खाने” के नाम पर, कभी सरकार को बदनाम करने के नाम पर और अब छात्रों के कंधे पर चढ़कर विधानसभा घेराव का समर्थन करने के नाम पर आंदोलन में राजनीतिक रंग भरने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं पर गंभीरता से बात करने के बजाय आंदोलन को जाति, धर्म और राजनीतिक विवादों में उलझाना भाजयुमो की सोची-समझी रणनीति प्रतीत होती है।
ऋषीकेश सिंह ने कहा कि जिस भाजयुमो को छात्रों के मंच से राजनीति करने से रोका गया, वही आज आंदोलन का स्वयंभू प्रवक्ता बनने की कोशिश कर रहा है। छात्रों ने आंदोलन अपने रोजगार और भविष्य के लिए खड़ा किया है, किसी राजनीतिक दल के चुनावी एजेंडे के लिए नहीं।
ऋषीकेश सिंह ने भाजयुमो के उस आरोप पर भी सवाल उठाया जिसमें सरकार पर छात्रों के बीच फूट डालने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए समिति गठित की और स्टेट गेस्ट हाउस में कांग्रेस, युवा कांग्रेस एवं NSUI के प्रतिनिधियों के साथ मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना गया और मांग-पत्र भी लिया गया। यह संवाद का रास्ता है, आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश नहीं।
ऋषीकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने, संदिग्ध परीक्षाओं की निष्पक्ष CID/SIT जांच, दोषियों पर कार्रवाई और JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग रखी है। सरकार छात्रों के जायज सवालों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
ऋषीकेश सिंह ने कहा कि भाजयुमो को अगर वास्तव में छात्रों की चिंता है तो वह आंदोलन को राजनीतिक अखाड़ा बनाने के बजाय छात्रों की मांगों पर तथ्यात्मक चर्चा करे। भाजपा अपने शासनकाल में हुई भर्ती परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े सवालों का हिसाब दे, उसके बाद दूसरों को नौकरी और परीक्षा व्यवस्था पर उपदेश दे।
ऋषीकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है, लेकिन छात्रों के आंदोलन को धर्म, जाति और दलगत राजनीति के जरिए अराजक बनाने की किसी भी कोशिश का विरोध करेगी। छात्रों की लड़ाई रोजगार, पारदर्शिता और न्याय की है और कांग्रेस इस लड़ाई में छात्रों की आवाज बनेगी, लेकिन किसी राजनीतिक दल को छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीति करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
