पहाड़ी मंदिर में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं अव्यवस्था के विरुद्ध राष्ट्रीय युवा शक्ति की आवाज़

रांची, 13 मई (बुधवार) :
राष्ट्रीय युवा शक्ति के केंद्रीय अध्यक्ष श्री उत्तम यादव ने आज पहाड़ी मंदिर यात्री शेड परिसर में प्रेस को संबोधित करते हुए पहाड़ी मंदिर में व्याप्त भ्रष्टाचार, अव्यवस्था एवं स्थानीय लोगों की उपेक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1992 में पहाड़ी मंदिर विकास समिति का गठन स्थानीय नागरिकों के आर्थिक सहयोग एवं सामाजिक प्रयासों से किया गया था। उस समय रांची के उपायुक्त को समिति का अध्यक्ष तथा एसडीएम को सचिव बनाया गया था। समिति में पहाड़ी मंदिर की चारों दिशाओं में निवास करने वाले स्थानीय लोगों को भी स्थान दिया गया था, ताकि मंदिर की व्यवस्था पारदर्शी एवं जनसहभागिता आधारित रहे।

परंतु समय बीतने के साथ कुछ लोगों ने मंदिर पर एकाधिकार स्थापित करने की मंशा से स्थानीय नागरिकों को धीरे-धीरे समिति से बाहर कर दिया और मनमाने ढंग से कार्य करना प्रारंभ कर दिया। आज स्थिति यह है कि पहाड़ी बाबा की पूजा विभिन्न समितियों एवं मंडलों द्वारा अलग-अलग तरीके से की जाती है, जबकि सामान्य श्रद्धालुओं को उस समय पूजा-अर्चना की अनुमति तक नहीं दी जाती।

श्री यादव ने कहा कि मंदिर परिसर में बड़े अक्षरों में “फोटो एवं वीडियो लेना निषिद्ध” लिखा गया है, परंतु प्रतिदिन कुछ विशेष लोगों एवं अधिकारियों को प्रसन्न करने हेतु पूजा के वीडियो, तस्वीरें एवं प्रसाद भेजे जाते हैं। यह आस्था एवं समानता की भावना के विपरीत है।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करने के नाम पर पहाड़ी मंदिर की मूल संरचना एवं सौंदर्य के साथ खिलवाड़ किया गया। मंदिर की संरचनात्मक व्यवस्था को क्षति पहुँचाई गई, परंतु इसकी कोई निष्पक्ष जांच आज तक नहीं हुई।

श्री यादव ने यह भी कहा कि पहाड़ी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे का कोई पारदर्शी लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है। मंदिर की आय एवं व्यय की सार्वजनिक जानकारी नहीं दी जाती, जिससे आम लोगों के मन में अनेक प्रश्न उत्पन्न हो रहे हैं।

उन्होंने पहाड़ी मंदिर के पीछे निवास करने वाले गरीब एवं वर्षों पुराने स्थानीय परिवारों का पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें “चोर”, “पॉकेटमार” अथवा “नशेड़ी” कहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं अमानवीय है। आज समाज का हर वर्ग नशे की समस्या से प्रभावित है, ऐसे में केवल गरीबों को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता।

राष्ट्रीय युवा शक्ति ने धार्मिक न्यास बोर्ड की वर्तमान समिति से मांग की कि पहाड़ी मंदिर के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को समिति में सम्मानजनक स्थान दिया जाए, ताकि मंदिर की व्यवस्था भ्रष्टाचारमुक्त एवं जनहितकारी बन सके।

संगठन ने यह भी मांग की कि मंदिर परिसर में विभिन्न समितियों एवं मंडलों द्वारा अलग-अलग घेरे बनाकर होने वाली विशेष पूजा-पद्धति को समाप्त कर केवल एक अधिकृत एवं सार्वजनिक सरकारी पूजा व्यवस्था लागू की जाए।

**राष्ट्रीय युवा शक्ति की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं :**

• राष्ट्रीय ध्वज स्थापना के नाम पर मंदिर संरचना को हुई क्षति की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
• मंदिर में प्राप्त होने वाले चढ़ावे की गिनती सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हो तथा उसका संपूर्ण विवरण ऑनलाइन सार्वजनिक किया जाए।
• पहाड़ी मंदिर की आय-व्यय व्यवस्था पूर्णतः डिजिटल एवं पारदर्शी बनाई जाए।
• वर्तमान फ्लैग पोल को वर्तमान स्थान से हटाकर उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
• धार्मिक न्यास बोर्ड की नई समिति में स्थानीय लोगों को प्रतिनिधित्व दिया जाए।
* ऊपर का हॉल जिसमें श्रद्धालु पूरे रांची भव्य तस्वीर अपने कमरे में कैद करते थे किसके आदेश वाइब्रेटर लगाकर उसे किसके आदेश से तोड़ा गया l

राज्य के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी के द्वारा 2014 में मंदिर निर्माण का उद्घाटन शीला पाठ किसके आदेश से तोड़कर हटाया गया l
• अधिकारियों को प्रभावित करने हेतु वीडियो, फोटो एवं प्रसाद भेजने जैसी परंपराओं पर तत्काल रोक लगाई जाए।

अंत में श्री उत्तम यादव ने कहा कि इन सभी विषयों को लेकर आगामी रविवार को स्थानीय नागरिकों की एक विशाल सामूहिक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति एवं जनआंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *