
आदिवासी छात्र संघ, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), राँची के अध्यक्ष विवेक तिर्की के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री राहुल पुरवार से मुलाकात कर विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की तथा छात्रहित से संबंधित मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में सीमा मुर्मू भी शामिल थीं।
मुलाकात के दौरान अध्यक्ष विवेक तिर्की ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में लंबे समय से कई शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याएँ बनी हुई हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, शोध कार्य तथा विश्वविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्र संघ का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी के अधिकार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी प्रशासन तथा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा और उत्कृष्टता की रक्षा के लिए है।
अध्यक्ष विवेक तिर्की ने प्रधान सचिव के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं—
1. कुड़ुख (उरांव), संथाली, नागपुरी, झारखंडी जनजातीय विभाग तथा BBA, MBA, कंप्यूटर विज्ञान एवं वाणिज्य (कॉमर्स) विषयों में की गई सीटों की कटौती तत्काल वापस ली जाए तथा झारखंडी एवं जनजातीय भाषाओं के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव समाप्त किया जाए।
2. शिक्षक अपने पद का दुरुपयोग कर गैर-शैक्षणिक अथवा राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्त शिक्षकों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए तथा जांच पूरी होने तक ऐसे शिक्षकों को किसी भी प्रकार का प्रशासनिक या शैक्षणिक कार्यभार न दिया जाए।
3. विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली तत्काल लागू की जाए।
4. छात्रों के विरुद्ध दर्ज सभी झूठे एवं निराधार मामलों तथा शिकायतों को तत्काल वापस लिया जाए।
5. विश्वविद्यालय में संचालित AICTE से संबंधित पाठ्यक्रमों की आवश्यक मान्यता एवं अनुमोदन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए।
6. विश्वविद्यालय में “एक व्यक्ति – एक पद” के सिद्धांत को प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से लागू किया जाए, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था अधिक उत्तरदायी एवं निष्पक्ष बन सके।
अध्यक्ष विवेक तिर्की ने कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक एवं ठोस कार्रवाई की जाती है, तो विश्वविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण बेहतर होगा तथा विद्यार्थियों के हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
बैठक के दौरान उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री राहुल पुरवार ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और उन्हें सकारात्मक एवं छात्रहित से जुड़ा बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले तीन या चार महीनों के भीतर छात्रसंघ चुनाव कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालय में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी प्रगति पर है, जिसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधान सचिव ने यह भी कहा कि प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर विभाग गंभीरता से विचार करेगा तथा आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक वातावरण स्थापित करने की दिशा में प्रभावी कार्य करेंगे।
अंत में अध्यक्ष विवेक तिर्की ने कहा कि आदिवासी छात्र संघ आगे भी विद्यार्थियों के अधिकारों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी प्रशासन के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष करता रहेगा तथा विश्वविद्यालय के समग्र विकास के लिए अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
