
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे एक वरिष्ठ और सम्मानित आदिवासी नेता हैं। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी को अपने राजनीतिक भविष्य पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और आदिवासी समाज के हितों, जल-जंगल-जमीन तथा उनकी सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। ना कि भाजपा के नीतियों और आरएसएस की नीतियों को बढ़ावा। आदिवासी समाज कभी भाजपा का नहीं हो सकता है। यही कारण रहा कि आज के धरना,नौटंकी पर आदिवासी नहीं पहुंचे।
इसके बाद डॉ. अंसारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा जामताड़ा में आयोजित धरना पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ। जिस कार्यक्रम को भाजपा बड़े जनआंदोलन के रूप में पेश कर रही थी, उसमें जनता की अपेक्षित भागीदारी नहीं दिखी। इससे स्पष्ट है कि जामताड़ा की जनता ने भाजपा की राजनीति को पूरी तरह नकार दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा के पास जनता के वास्तविक मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह धरना और प्रदर्शन के माध्यम से राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। लेकिन जामताड़ा की जनता विकास, सेवा और जनहित की राजनीति के साथ खड़ी है।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि जामताड़ा सदर अस्पताल में हुई तोड़फोड़ अत्यंत गंभीर मामला है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अस्पताल का कार्य बाधित करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी। चाहे कोई कितना भी धरना दे या राजनीतिक दबाव बनाए, दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को यह भ्रम है कि धरना देकर जांच को प्रभावित किया जा सकता है या केस को कमजोर किया जा सकता है, तो यह उनकी गलतफहमी है। पुलिस अपना काम पूरी निष्पक्षता से करेगी और सरकार कानून के शासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिसने भी अस्पताल में तोड़फोड़ की है, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा।
डॉ. अंसारी ने कहा कि जामताड़ा की जनता ने भाजपा के फ्लॉप धरने के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि वह नकारात्मक और अवसरवादी राजनीति को स्वीकार नहीं करती। जनता विकास, शांति और जनसेवा की राजनीति के साथ मजबूती से खड़ी है।
अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा की इस विफल राजनीति का लोकतांत्रिक जवाब जनता ने दे दिया है और आगे भी जनता का विश्वास विकास और जनसेवा की राजनीति पर ही रहेगा।
