
रांची में मारवाड़ी सहायक समिति द्वारा आयोजित ‘सावन सिंधारा’ कार्यक्रम एवं ‘परंपरा आर्ट एंड हेरिटेज एग्ज़ीबिशन’ में महिला उद्यमियों की प्रतिभा, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता की झलक देखने को मिली। प्रदर्शनी में महिलाओं द्वारा हस्तशिल्प, गगारमेंट्सतथा दैनिक उपयोग की अनेक उपयोगी वस्तुओं का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि यदि उचित मंच और अवसर मिले, तो उनकी प्रतिभा समाज और अर्थव्यवस्था दोनों को नई दिशा दे सकती है।

आज अनेक महिलाएँ अपने घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने हुनर को पहचान दिलाने का कार्य कर रही हैं। ऐसे आयोजनों से उन्हें न केवल अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, बल्कि नए लोगों से जुड़ने, बाज़ार तक पहुँच बनाने और आत्मनिर्भर बनने का भी सशक्त माध्यम मिलता है। मारवाड़ी समाज द्वारा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। हमारी संस्कृति और परंपराओं को संजोते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का यह प्रयास निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

महिलाओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देना ही सशक्त समाज और आत्मनिर्भर झारखंड की मजबूत नींव है।
