
राँची, दिनांक 02 जुलाई 2026
रांची के उर्सुलाइन कॉन्वेंट गर्ल्स स्कूल में नोज पिन को लेकर उत्पन्न विवाद पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने कहा कि शिक्षा के मंदिरों को राजनीतिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण है। एक साधारण अनुशासनात्मक विषय को सुनियोजित तरीके से सांप्रदायिक रंग देकर भाजपा और उसके समर्थक समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
ऋषीकेश सिंह ने कहा कि देश के लगभग सभी प्रतिष्ठित सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों में निर्धारित यूनिफॉर्म और ड्रेस कोड लागू हैं। इनका उद्देश्य किसी धर्म, जाति या समुदाय का विरोध नहीं, बल्कि सभी विद्यार्थियों के बीच समानता, अनुशासन और भेदभाव रहित वातावरण सुनिश्चित करना है। यदि किसी छात्रा से विद्यालय के नियमों का उल्लंघन हुआ था, तो उसका समाधान विद्यालय प्रबंधन, छात्रा और अभिभावकों के बीच संवाद से सहजता से हो सकता था। इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना पूरी तरह अनुचित है।
ऋषीकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि विद्यालय प्रबंधन को भी अनुशासन लागू करते समय संवेदनशील, संवादपूर्ण और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, ताकि किसी भी छात्र-छात्रा की गरिमा और धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे। अनुशासन और संवेदनशीलता दोनों साथ-साथ चल सकते हैं।
ऋषीकेश सिंह ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जब झारखण्ड में भाजपा की डबल इंजन की सरकार थी तो झारखण्ड में 5000 सरकारी स्कूल को बंद कर दिया गया था, भाजपा के लोगों को झारखंड के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, बेरोजगारी और छात्रों के भविष्य की चिंता नहीं है, वे आज बच्चों के बीच धार्मिक ध्रुवीकरण का अवसर तलाश रहे हैं। भाजपा को यदि वास्तव में शिक्षा की चिंता होती, तो वह स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने की लड़ाई लड़ती, न कि बच्चों को राजनीतिक विवादों में घसीटती।
ऋषीकेश सिंह ने कहा कि विद्यालय ज्ञान, संस्कार और सामाजिक सौहार्द के केंद्र होते हैं। इन्हें राजनीतिक अखाड़ा बनाने की हर कोशिश का समाज को मिलकर विरोध करना चाहिए। बच्चों को शिक्षा, संस्कार और अवसर चाहिए, न कि नफरत और विभाजन की राजनीति।
उन्होंने राज्य के सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों एवं अभिभावकों से अपील की कि बच्चों के भविष्य को सर्वोपरि रखते हुए शिक्षा के वातावरण को शांत, सौहार्दपूर्ण और अनुशासित बनाए रखने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएँ।
