पारस एचईसी हॉस्पिटल रांची में गंभीर हेड इंजरी मरीज को मिली नई जिंदगी, 82 दिनों बाद मिली छुट्टी

न्यूरो सर्जन डॉ अरुण कुमार के नेतृत्व में मरीज का हुआ इलाज

रांची। पारस एचईसी हॉस्पिटल रांची के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उत्कृष्ट देखभाल से गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल मरीज  को नई जिंदगी मिली है। करीब 82 दिनों तक चले इलाज के बाद उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। शुगर से पीड़ित मरीज को पांच फरवरी 2026 को बेहद गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जहां उनकी स्थिति नाजुक देखते हुए तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। सड़क हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी और दिमाग में खून का थक्का जम गया था।

न्यूरो सर्जन डॉ अरुण कुमार के नेतृत्व में मरीज का सफल ऑपरेशन किया गया, जिसमें लेफ्ट डीसी प्लस लैक्स ऑगमेंटेड ड्यूरोप्लास्टी की गई। ऑपरेशन के बाद इलाज के दौरान मरीज को कई बार गंभीर उतार-चढ़ाव और शॉक का सामना करना पड़ा, लेकिन डॉक्टरों, नर्सिंग टीम और क्रिटिकल केयर यूनिट की सतत निगरानी से उनकी हालत में लगातार सुधार होता गया। सबसे खास बात यह रही कि इतने लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने के बावजूद मरीज को बेडसोर नहीं हुआ, जो अस्पताल की बेहतर नर्सिंग केयर और सतर्क देखभाल का प्रमाण माना जा रहा है। करीब ढाई महीने अस्पताल में रहने के बाद अब मरीज को अच्छी स्थिति में डिस्चार्ज किया गया है। वे सभी बातों को समझ रहे हैं। मरीज की उम्र लगभग 56 वर्ष बताई गई है और वे शुगर व हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से भी पीड़ित हैं।

डॉ अरुण कुमार ने कहा कि मरीज की हालत जब अस्पताल लाया गया था, तब बेहद गंभीर थी, लेकिन समय पर सर्जरी, लगातार निगरानी और समर्पित मेडिकल टीम के प्रयासों से उनकी स्थिति में सुधार संभव हो सका। गंभीर हेड इंजरी के मामलों में त्वरित उपचार और बेहतर पोस्ट ऑपरेटिव केयर मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

फैसेलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि पारस एचईसी हॉस्पिटल हमेशा गंभीर मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मरीज की सफल रिकवरी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और क्रिटिकल केयर टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। मरीज की सेवा और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना अस्पताल की प्राथमिकता है।

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