विश्व आईवीएफ दिवस: समय पर जांच और सही इलाज से बढ़ती है माता-पिता बनने की उम्मीद – डॉ. विनीता कुमारी, बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ रांची

विश्व आईवीएफ दिवस: सही समय पर जांच और इलाज से बढ़ती है माता-पिता बनने की संभावना – बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ रांची
रांची, 27 जुलाई, 2026: विश्व आईवीएफ दिवस के अवसर पर बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ की सेंटर हेड डॉ. विनीता कुमारी ने कहा कि आज के समय में बदलती जीवनशैली, गलत खान-पान, बढ़ता मोटापा और देर से शादी व परिवार की योजना बनाने के कारण फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और सही इलाज से कई दंपतियों को माता-पिता बनने का सपना पूरा करने में मदद मिल सकती है।
डॉ. विनिता ने बताया कि आज कई लोग पढ़ाई और करियर के कारण देर से शादी और परिवार की योजना बनाते हैं। लेकिन महिलाओं की प्रजनन क्षमता उम्र बढ़ने के साथ धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसलिए अगर कोई दंपति भविष्य में देर से बच्चा प्लान करना चाहता है, तो उसे समय रहते फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। सही समय पर सलाह लेने से इलाज के ज्यादा विकल्प मिलते हैं और सफलता की संभावना भी बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि इन्फर्टिलिटी केवल महिलाओं की समस्या नहीं है। लगभग हर छह में से एक दंपति को फर्टिलिटी से जुड़ी परेशानी होती है और करीब 50 प्रतिशत मामलों में पुरुष भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं। इसके बावजूद अक्सर पुरुष जांच कराने से बचते हैं और पूरा ध्यान महिलाओं की जांच पर ही दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सही इलाज के लिए पति और पत्नी, दोनों की जांच जरूरी है।
डॉ. विनिता ने बताया कि अगर दंपति समय पर डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, तो आईवीएफ के अलावा भी कई दूसरे इलाज के विकल्प उपलब्ध होते हैं। लेकिन इलाज में ज्यादा देरी होने पर विकल्प कम हो जाते हैं और कई बार आईवीएफ या अन्य उन्नत उपचार की जरूरत पड़ती है। इसलिए किसी भी परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया और इंटरनेट की वजह से अब लोगों में आईवीएफ और फर्टिलिटी इलाज को लेकर पहले से ज्यादा जानकारी है। ऐसे में डॉक्टर की भूमिका सही जानकारी देकर मरीजों की स्थिति के अनुसार उचित इलाज की योजना बनाने की होती है।
विश्व आईवीएफ दिवस के अवसर पर बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ ने लोगों से अपील की कि फर्टिलिटी से जुड़ी किसी भी समस्या को छिपाने या नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच कराएं। संस्थान ने भरोसा दिलाया कि वह वैज्ञानिक तरीके, व्यक्तिगत देखभाल और संवेदनशील उपचार के माध्यम से हर दंपति को माता-पिता बनने की यात्रा में पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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