सरला बिरला पब्लिक स्कूल में मातृ दिवस पर रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन


सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में मातृ दिवस के अवसर पर विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी माताओं के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता की भावनाओं को अभिव्यक्त किया।
कक्षा नर्सरी से पाँचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से मदर्स डे कार्ड मेकिंग गतिविधि आयोजित की गई। इस गतिविधि का उद्देश्य नन्हे विद्यार्थियों में रचनात्मकता तथा भावनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना था, ताकि वे अपनी माताओं के प्रति अपने स्नेह, आभार और सम्मान को हस्तनिर्मित कार्डों के माध्यम से व्यक्त कर सकें। बच्चों ने रंग-बिरंगे रंगों, सजावटी सामग्रियों और भावपूर्ण संदेशों का प्रयोग करते हुए अत्यंत सुंदर एवं आकर्षक कार्ड तैयार किए।

प्रत्येक कार्ड में विद्यार्थियों की मासूमियत और माताओं के प्रति उनका अपार प्रेम झलक रहा था, जिसने इस गतिविधि को अत्यंत भावनात्मक और यादगार बना दिया। विद्यार्थियों द्वारा प्रेमपूर्वक बनाए गए ये कार्ड उनकी माताओं को स्नेह, सम्मान और हृदय से व्यक्त कृतज्ञता के प्रतीक स्वरूप भेंट किए गए।
शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को कार्ड बनाने में मार्गदर्शन प्रदान करते हुए उनकी मौलिकता और सृजनात्मकता को भी प्रोत्साहित किया। इस दौरान कक्षाओं का वातावरण उत्साह, आनंद और उमंग से भर उठा, जब नन्हे कलाकार पूरे समर्पण के साथ अपनी माताओं के लिए कुछ विशेष बनाने में जुटे हुए थे। कार्यक्रम में एक भावपूर्ण स्पर्श जोड़ते हुए मातृस्वरूप शिक्षिकाओं ने भी विद्यार्थियों को छोटे-छोटे उपहार प्रदान किए, जो माँ के स्नेह, ममता और आशीर्वाद का प्रतीक थे।

वरिष्ठ विद्यार्थियों के लिए “माँ का प्रेम” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से माँ और संतान के अटूट एवं निस्वार्थ संबंध को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त “माँ को पत्र” गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थियों ने अपनी भावनाओं, आभार और व्यक्तिगत अनुभवों को शब्दों में व्यक्त किया, जिससे भावनात्मक जुड़ाव और संवाद कौशल को भी प्रोत्साहन मिला।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मनीषा शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों की कलात्मक एवं सृजनात्मक क्षमताओं को विकसित करने के साथ-साथ उनमें माता-पिता के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता जैसे मानवीय मूल्यों का भी विकास करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि भावनात्मक बुद्धिमत्ता के विकास को भी समान महत्व देता है तथा इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मातृ दिवस का यह आयोजन प्रेम, संवेदना और आत्मीयता की भावना से परिपूर्ण रहा, जिसने विद्यार्थियों को भावनात्मक रूप से समृद्ध करते हुए माँ के असीम प्रेम के सार्वभौमिक संदेश से जोड़ दिया।

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